होमवकीललद्दाख में हाई कोर्ट की सुनवाई अब संभव, लंबे इंतज़ार का अंत
वकील

लद्दाख में हाई कोर्ट की सुनवाई अब संभव, लंबे इंतज़ार का अंत

राष्ट्रपति ने 2026 के नियम के तहत लद्दाख में जम्मू‑कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच को सुनवाई की अनुमति दी, जिससे क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय पहुँच आसान हो गई। उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार प्रकट किया, यह कहते हुए कि निर्णय लद्दाखवासियों की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रमाण है। इस कदम से दूर‑दराज इलाकों के नागरिकों को न्यायालय तक पहुँचने में यात्रा और समय की कमी होगी।

28 अगस्त 2026 को 02:32 pm बजे
लद्दाख में हाई कोर्ट की सुनवाई अब संभव, लंबे इंतज़ार का अंत

सौजन्य से:- Jagran

अब लद्दाख में भी होगी हाई कोर्ट की सुनवाई! लंबे इंतजार का हुआ अंत, LG ने PM मोदी और अमित शाह का जताया आभार

राष्ट्रपति ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच को सुनवाई की अनुमति देने वाले नियम 2026 को ...और पढ़ें

HighLights

- राष्ट्रपति ने लद्दाख में हाई कोर्ट बेंच की अनुमति दी।

- लद्दाख के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच हुई आसान।

- भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया हुई सुलभ।

डिजिटल डेस्क, जम्मू। लद्दाख के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच को लद्दाख में सुनवाई की अनुमति देने वाले नियम, 2026 को लागू कर दिया है। इसके साथ ही लद्दाख में हाई कोर्ट की सुनवाई का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हो गया है। उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस फैसले का स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।

27 अगस्त 2026 को गैजेट ऑफ इंडिया एक्स्ट्राऑर्डिनरी में इसकी अधिसूचना प्रकाशित हुई। LG सक्सेना ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की घोषणा के सिर्फ सात दिन के भीतर अधिसूचना जारी होना दिखाता है कि भारत सरकार लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग और उम्मीदों को पूरा करने के लिए कितनी गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 अगस्त को यह फैसला लिया था। इसका मकसद नागरिकों, खासकर लद्दाख के दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच को और आसान बनाना था।

'लद्दाख के लोगों को अब मिलेगा आसान न्याय'

LG सक्सेना ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मंत्रिमंडल के निर्णय के एक सप्ताह के भीतर नियम का तुरंत लागू होना, लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। मैं लद्दाख के लोगों के करीब हाई कोर्ट को लाने की दिशा में इस ऐतिहासिक कदम के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'

उन्होंने आगे कहा कि लद्दाख जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र के लिए, न्याय तक पहुंच को भौतिक पहुंच से अलग नहीं किया जा सकता है। यह निर्णय उच्च न्यायिक उपायों तक पहुंचने में हमारे लोगों को होने वाली कठिनाइयों को काफी हद तक कम करेगा और हमारी न्याय वितरण प्रणाली में उनके विश्वास को मजबूत करेगा। यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि लद्दाख के लोगों को न्याय तक आसान, तेज और अधिक सुलभ पहुंच मिले।

अब न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा

लद्दाख के लोगों के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां भौगोलिक चुनौतियां हैं और न्यायिक कार्यवाही के लिए केंद्र शासित प्रदेश से बाहर यात्रा करने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है। लद्दाख में हाई कोर्ट की सुनवाई की सुविधा होने से, उच्च न्यायिक राहत पाने में लगने वाले समय, यात्रा और उससे जुड़े खर्चों में काफी कमी आएगी।

इससे आम नागरिकों, मुकदमेबाज़ों, वकीलों और अन्य संबंधित लोगों के लिए न्याय व्यवस्था तक पहुंच आसान हो जाएगी और साथ ही, उन्हें अपने घर के पास ही संवैधानिक और कानूनी राहत पाने में मदद मिलेगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा
वकील

गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल
वकील

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया
वकील

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप
वकील

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार
वकील

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप
वकील

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
वकील

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना

ताज़ा ख़बरें