हरिद्वार में सवर्ण समाज की सड़कों पर धड़कती आवाज़: UGC कानून के खिलाफ प्रदर्शन, जाम बना छह घंटे
सवर्ण समाज के कई समूहों ने हरिद्वार के बहादराबाद टोल प्लाज़ा पर यूजीसी कानून को वापस लेने और आरक्षण सुधार की मांग करते हुए एक तीव्र प्रदर्शन किया, जिससे स्थान पर लगभग छह घंटे तक ट्रैफ़िक जाम रहा। पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, पर प्रदर्शनकारी अपने उद्देश्यों पर अड़े रहे और एडीएम के साथ बातचीत के बाद ही कार्यक्रम समाप्त हुआ।

सौजन्य से:- ETV Bharat
हरिद्वार में यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, छह घंटे रहा ट्रैफक जाम, मांगों पर अडिग
हरिद्वार में यूजीसी कानून वापस लेने और आरक्षण सुधार को लेकर तमाम संगठन मुखर हैं. साथ ही प्रदर्शन कर विरोध जता रहे हैं.
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : September 7, 2026 at 7:31 AM IST
हरिद्वार: यूजीसी कानून वापस लेने और आरक्षण सुधार को लेकर स्वर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने बहादराबाद टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से टोल प्लाजा पर करीब छह घंटे तक यातायात बाधित रहा. बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे. जाम के कारण टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाने और यातायात सुचारू कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. बाद में मौके पर पहुंचे एडीएम ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की. जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि जब तक यूजीसी से जुड़े प्रावधान वापस नहीं लिए जाते, एससी एसटी कानून में बदलाव और आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को वोट नहीं दिया जाएगा. लोग अपने हित में तीसरे विकल्प के रूप में जिस उम्मीदवार को उचित समझेंगे, उसका समर्थन करेंगे.
उन्होंने कहा कि झूठ की बुनियाद पर आरक्षण का यह आतंक अब और नहीं चलने वाला है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया. कहा कि सरकार हिंदू मुस्लिम और अगड़े पिछड़े के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है. जब एक संन्यासी सड़क पर उतरता है तो इसे परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए. मांगें पूरी होने तक सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखने की बात उन्होंने कही.
इस दौरान आयोजित महासभा में भी आरक्षण व्यवस्था को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी. हरिद्वार क्षत्रिय चौहान महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि समाज की लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि समानता, निष्पक्षता और सभी को समान अवसर देने वाली व्यवस्था की मांग है.
वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान ने आरक्षण व्यवस्था की विसंगतियों का तार्किक और न्यायसंगत समाधान किए जाने की मांग की. अमरदीप सिंह रॉबिन ने कहा कि आंदोलन किसी सरकार या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नीतियों के विरोध में है जिन्हें समाज अपने प्रति भेदभावपूर्ण मानता है. उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की पैरवी की. महासभा में आंदोलन को गांव और शहर के मोहल्लों तक पहुंचाने, जनसंपर्क बढ़ाने और स्थानीय इकाइयां गठित करने पर भी जोर दिया गया. हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कार्यों को समझाने का प्रयास किया. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए टोल को फ्री भी कर दिया.
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