होमअपराधबिना बीमा वाले वाहनों पर शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सुझाव दिया...
अपराध

बिना बीमा वाले वाहनों पर शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सुझाव दिया...

सुप्रीम कोर्ट ने बिना वैध इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर इंधन देने से रोकने का सुझाव दिया है. कोर्ट ने कहा है कि वाहनों का बीमा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान कर स्वतः ई-चालान जारी हो सकेंगे. कोर्ट ने भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय को पेट्रोल पंपों पर इंश्योरेंस ट्रैकिंग की तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा है.

5 अगस्त 2026 को 11:17 am बजे
बिना बीमा वाले वाहनों पर शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सुझाव दिया...

सौजन्य से:- ABP News

'पेट्रोल पंप से उन गाड़ियों को नहीं मिले पेट्रोल जो...', सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि देश में लगभग 30.48 करोड़ वाहन रजिस्टर्ड हैं. उनमें से 16.54 करोड़ यानी लगभग 56 प्रतिशत वाहनों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है.

बिना वैध इंश्योरेंस के सड़क पर वाहन चलाना आने वाले दिनों में मुश्किल हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ मॉडल पर पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का सुझाव दिया है. इसके तहत वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं होने पर पेट्रोल पंपों पर ऐसे वाहनों को ईंधन देने से रोका जा सकता है. हालांकि, फिलहाल यह सुप्रीम कोर्ट का बाध्यकारी आदेश नहीं, बल्कि सरकार को दिया गया सुझाव है.

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा है. कोर्ट ने भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) तथा सड़क परिवहन मंत्रालय को पेट्रोल पंपों पर इंश्योरेंस ट्रैकिंग की तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई है.

56 प्रतिशत वाहनों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि देश में लगभग 30.48 करोड़ वाहन रजिस्टर्ड हैं. उनमें से 16.54 करोड़ यानी लगभग 56 प्रतिशत वाहनों के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है. इसके चलते सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा हासिल करने के लिए लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.

कोर्ट ने वाहनों का बीमा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि सड़कों पर लगे ANPR कैमरों को वाहन पोर्टल और बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाए. इससे बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान कर स्वतः ई-चालान जारी हो सकेंगे. ट्रैफिक पुलिस को गाड़ियों के इंश्योरेंस की तत्काल पुष्टि के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस देने के लिए भी कोर्ट ने कहा है.

ध्यान रहे कि मोटर व्हीकल्स एक्ट की धारा 146 के तहत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है. लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है. कोर्ट का मानना है कि ईंधन आपूर्ति को बीमा की वैधता से जोड़ने से वाहन मालिक समय पर पॉलिसी का नवीनीकरण करवाएंगे और दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया प्रभावी हो सकेगी.

यह भी पढ़ें : जंतर-मंतर पर पाकिस्तान ने रची साजिश? ISI मॉड्यूल के 9 लोग गिरफ्तार, पेट्रोल बम भी दिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश, साइबर ठगी को रोकने के लिए 4 हफ्ते में बनाए नियम
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया आदेश, साइबर ठगी को रोकने के लिए 4 हफ्ते में बनाए नियम

आसाराम को 20 दिन की पैरोल मिली, अदालत ने सरकार की आपत्तियां खारिज कीं
अपराध

आसाराम को 20 दिन की पैरोल मिली, अदालत ने सरकार की आपत्तियां खारिज कीं

अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने के लिए कानूनी साधनों से कोई अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने के लिए कानूनी साधनों से कोई अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

विदेशी मध्यस्थ पुरस्कार प्रवर्तन में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रोक की आवश्यकता
अपराध

विदेशी मध्यस्थ पुरस्कार प्रवर्तन में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रोक की आवश्यकता

एससी का आदेश: बैंकों के लिए एसओपी जारी, डिजिटल गिरफ्तारियों की मुआवजा ढांचा समीक्षा
अपराध

एससी का आदेश: बैंकों के लिए एसओपी जारी, डिजिटल गिरफ्तारियों की मुआवजा ढांचा समीक्षा

हत्या के दोषी को बरी किया, अदालतों की देरी की माफी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

हत्या के दोषी को बरी किया, अदालतों की देरी की माफी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड: शहर में दहशत, कानून व्यवस्था पर सवाल
अपराध

प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड: शहर में दहशत, कानून व्यवस्था पर सवाल

फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने का खेल, भारत की संप्रभुता खतरे में!
अपराध

फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने का खेल, भारत की संप्रभुता खतरे में!

ताज़ा ख़बरें