प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड: शहर में दहशत, कानून व्यवस्था पर सवाल
प्रयागराज में दो महीने के भीतर तीन बड़े सामूहिक हत्याकांड हुए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मूकबधिर दंपती और एक महिला की हत्या ने लोगों में दहशत बढ़ा दी है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
Prayagraj Murder Case : सामूहिक हत्याकांड से फिर दहला शहर, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
Prayagraj News : दो महीने के भीतर प्रयागराज में तीन बड़े सामूहिक हत्याकांडों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामले में मूकबधिर दंपती और एक महिला की हत्या ने लोगों में दहशत बढ़ा दी है। लगातार हुई इन वारदातों ने अपराध नियंत्रण और त्वरित खुलासे को लेकर पुलिस की परीक्षा कठिन कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मूकबधिर दंपती और एक अन्य महिला की हत्या ने प्रयागराज को एक बार फिर सामूहिक हत्याकांड की दहशत में झोंक दिया है। इससे पहले दो जून को साउथ मलाका में कारोबारी परिवार के चार लोगों की हत्या और 15 जून को मेजा में तिहरे हत्याकांड ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। लगातार सामने आईं इन वारदातों ने पुलिस के सामने अपराध पर अंकुश लगाने के साथ ऐसे मामलों के त्वरित खुलासे की चुनौती भी बढ़ा दी है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने आम लोगों में दहशत बढ़ाई है।
साउथ मलाका में परिवार के चार लोगों की हत्या
दो जून को साउथ मलाका में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटे अभिषेक वैश्य के शव घर और दुकान से मिले थे। कई दिन तक बंद पड़े मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी।
मेजा में तीन लोगाें की जान ली
15 जून को मेजा इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई। घर के अंदर तीनों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
सुबह सात बजे पता चला, पुलिस को सूचना दी तीन घंटे बाद
तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस को सूचना देने में हुई देरी अब जांच का विषय बन गई है। मकान मालकिन को मंगलवार सुबह सात बजे वारदात की जानकारी हुई लेकिन पुलिस को सूचना करीब 10:15 बजे दी गई। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई?
शाहगंज थाना प्रभारी वैभव सिंह के अनुसार, पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि सबसे पहले कमरे के अंदर किसने देखा? घटना की जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची? सूचना देने में देर क्यों हुई? मकान मालकिन का कहना है कि उन्हें शुरुआत में यह अहसास नहीं हुआ कि कमरे के अंदर तीनों की हत्या हो चुकी है। उन्होंने पड़ोसियों से अंदर जाकर देखने को कहा था। बाद में जब स्थिति स्पष्ट हुई तो आशीष नामक युवक ने पुलिस चौकी में फोन कर घटना की जानकारी दी।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बिना बीमा वाले वाहनों पर शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सुझाव दिया...

अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने के लिए कानूनी साधनों से कोई अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

विदेशी मध्यस्थ पुरस्कार प्रवर्तन में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रोक की आवश्यकता

एससी का आदेश: बैंकों के लिए एसओपी जारी, डिजिटल गिरफ्तारियों की मुआवजा ढांचा समीक्षा

हत्या के दोषी को बरी किया, अदालतों की देरी की माफी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने का खेल, भारत की संप्रभुता खतरे में!

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की जजों के लिए नई गाइडलाइन, जांच के बाद ही फैसला देने की सलाह

NEET परीक्षा में पेपर लीक को रोकने के लिए 10-स्तरीय सुरक्षा और AI सुरक्षा उपायों की शुरूआत
ताज़ा ख़बरें
- कानून की जानकारी तक पहुँच बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सहारा
- सुप्रीम कोर्ट ने नए वाहनों के बीमा कवर को 4 साल के लिए मांगा
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश: बीमा रहित वाहनों का चालान करो, ईंधन भी न दें
- भारत के विदेशी चंदा कानून में बदलाव पर अमेरिका की चिंता
- तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव: मद्रास उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला
- लिव-इन रिलेशनशिप पर भी धारा 498ए वैध: सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी खबरें: 27 जुलाई से 02 अगस्त 2026 तक के मामलों का साप्ताहिक राउंड-अप
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, छात्रों पर बल प्रयोग के लिए 'शक्तिशाली राज्य' का नंगा देखावा नहीं

