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हाई कोर्ट ने NHAI को जलभराव पर दी कड़ी चेतावनी, जमीन पर ठोस कदम माँगे

महिपालपुर में बढ़ते जलभराव को लेकर हाई कोर्ट ने NHAI और अन्य एजेंसियों को कागजी कार्यवाही से हट कर वास्तविक कार्य करने का निर्देश दिया। अदालत ने 30 अक्टूबर तक एक संयुक्त कार्य‑योजना और स्पष्ट समय‑सीमा के साथ रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया, जिसमें एयरोसिटी विस्तार के कारण प्रभावित ड्रेनेज नेटवर्क के सुधार, शंकर विहार‑रेडिसन सर्कल तक 3.5 किमी स्टॉर्म‑वॉटर ड्रेन निर्माण और दुर्गा एक्सप्रेसवे टनल में रेलवे ड्रेनेज अपग्रेड शामिल है।

19 सितंबर 2026 को 08:05 pm बजे
हाई कोर्ट ने NHAI को जलभराव पर दी कड़ी चेतावनी, जमीन पर ठोस कदम माँगे

सौजन्य से:- Navbharat Times

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने ‘सोशल जूरिस्ट’ नाम के सिविल राइट्स संगठन की याचिका पर सुनवाई के दौरान 18 सितंबर के आदेश में यह टिप्पणी की। कोर्ट ने NHAI की ओर से सुनवाई में तैयार अधिकारी या वकील के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। बेंच ने चेतावनी दी कि अगर संबंधित एजेंसियों ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो कोर्ट को कड़े निर्देश जारी करने पड़ेंगे।

जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था पर भी हुई चर्चा

यह सुनवाई दिल्ली सरकार की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट के बाद हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि 3 अगस्त को चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इसमें महिपालपुर के जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था की समस्या पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, एयरोसिटी में कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से महिपालपुर के ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके चलते नजफगढ़ नाले में पानी का बहाव भी कम हुआ।जलभराव की समस्या दूर करने के लिए DIAL और NHAI की ओर से कई तकनीकी उपाय सुझाए गए हैं। इनमें NH-48 के किनारे शंकर विहार से रेडिसन सर्कल तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबा स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही समालखा और नजफगढ़ नालों की गाद सफाइ और नियमित रखरखाव की बात कही गई है।

ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का प्रस्ताव

द्वारका एक्सप्रेसवे टनल में सतह के पानी के अनियंत्रित बहाव को रोकने के लिए रेलवे के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।हाई कोर्ट ने सभी संबंधित एजेंसियों के सीनियर अधिकारियों को 30 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। उन्हें तब तक एक जॉइंट एक्शनप्लान और हर काम को पूरा करने की पक्की टाइमलाइन के साथ कोर्ट में रिपोर्ट देनी होगी।

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