फरीदाबाद में स्पेशल लोक अदालत ने 474 चेक बाउंस मामलों को आपसी समझौते से सुलझाया
शनिवार को फरीदाबाद के सेक्टर‑12 में आयोजित विशेष लोक अदालत ने 1053 चेक बाउंस मामलों की सुनवाई की, जिसमें 474 मामलों को आपसी सहमति से निपटाया गया और कुल 4.35 करोड़ रुपये की रकम पर समझौता हुआ। लोक अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक अपील नहीं होती, जिससे विवादों का स्थायी समाधान तथा पक्षकारों का समय‑धन बचता है।

सौजन्य से:- Hindustan
Faridabad News: स्पेशल लोक अदालत में चेक बाउंस के 474 मामलों का निपटारा
Faridabad News: फरीदाबाद में शनिवार को विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 1053 मामले सुने गए, जिनमें से 474 का निस्तारण आपसी सहमति से किया गया। इससे 4.35 करोड़ रुपये की रकम पर समझौता हुआ। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं हो सकती, जिससे विवादों का स्थायी समाधान संभव है।
Faridabad News: फरीदाबाद, अमित भाटिया। जिला अदालत परिसर सेक्टर-12 में शनिवार को चेक बाउंस मामलों के निस्तारण के लिए स्पेशल लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत में चेक बाउंस से संबंधित 1053 मामले सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें से 474 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में 4.35 करोड़ रुपये की रकम पर समझौता हुआ। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी चेयरमैन एवं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति हर सिमरन सिंह सेठी के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले में चेक बाउंस मामलों के निस्तारण के लिए स्पेशल लोक अदालत आयोजित की गई।
इसी क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद के चेयरमैन सुधीर जीवन के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जितेंद्र सिंह की देखरेख में संपन्न हुई।लोक अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराया गया। 474 मामलों के निस्तारण के बाद संबंधित पक्षकार अपने मामलों के समाधान से संतुष्ट दिखाई दिए। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जितेंद्र सिंह ने कहा कि लोक अदालत में होने वाले फैसलों के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय तक कोई अपील नहीं होती। साथ ही, पक्षकारों की कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का स्थायी समाधान होता है। इससे लोगों के समय और धन की बचत होती है तथा आपसी भाईचारा और सौहार्द भी बना रहता है।
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