मिजोरम विरासत कानून विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मिजो महिला से हाई कोर्ट जाने को कहा
मिजोरम विरासत कानून विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मिजो महिला से हाई कोर्ट जाने को कहा मिजो महिला ने मिजोरम के विवाह और संपत्ति विरासत कानून में किए गए संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी. By Sumit Saxena Published : Au…

सौजन्य से:- ETV Bharat
मिजोरम विरासत कानून विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मिजो महिला से हाई कोर्ट जाने को कहा
मिजो महिला ने मिजोरम के विवाह और संपत्ति विरासत कानून में किए गए संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी.
By Sumit Saxena
Published : August 24, 2026 at 2:31 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मिजोरम के विवाह और संपत्ति विरासत कानून में संशोधन को चुनौती देने वाली एक मिजो महिला से राहत के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट में अपील करने को कहा.
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता मरियम एल ह्रांगचाल की वकील से कहा कि जब इलाके में पहले से ही एक हाई कोर्ट मौजूद है, तो उन्हें दिल्ली आने की जरूरत नहीं है. पीठ ने कहा, "आप हाई कोर्ट क्यों नहीं जातीं? हाई कोर्ट इसीलिए बनाए गए हैं."
पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है.
इस याचिका में मिजोरम सरकार द्वारा द मिजो मैरिज एंड इनहेरिटेंस ऑफ प्रॉपर्टी (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 के जरिये किए गए संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी.
याचिका में तर्क दिया गया कि यह कानून मिजो महिलाओं के साथ भेदभाव करता है, जो गैर-मिजो पुरुषों से शादी करती हैं और यह उनके बच्चों के अधिकारों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है.
नया अधिनियम प्रथागत कानून को संहिताबद्ध करता है और 2014 के मुख्य अधिनियम को मजबूत करता है, जिससे बहुविवाह, अंतर-सामुदायिक विवाह और महिलाओं के संपत्ति अधिकारों में बदलाव आते हैं. एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, यह बहुविवाह पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाता है और महिलाओं को वैवाहिक संपत्ति (Matrimonial property) में समान हिस्सा - 50 प्रतिशत - प्रदान करता है.
फिर भी, इस सुधार ने एक विवादित खंड (clause) को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है, जो मिजो महिलाओं की पहचान और उनके अनुसूचित जनजाति के दर्जे को छीन सकता है अगर वे समुदाय से बाहर के किसी व्यक्ति से विवाह करती हैं.
यह भी पढ़ें- प्रिवी पर्स लागू करने लायक अधिकार नहीं, मिजो चीफ काउंसिल की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज
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