राष्ट्रीय लोक अदालत: 12 सितंबर को होगा आयोजन, जानें किन मामलों का होगा निपटारा
संतकबीरनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा, जिसमें सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित हो सकने वाले मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसमें वैवाहिक मामले, भरण पोषण और अन्य विधिक विवादों का समाधान हो सकेगा।

सौजन्य से:- amarujala.com
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Sant Kabir Nagar News: 12 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिविल जज सीडि. अनन्या साह ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायालय परिसर एवं तहसील मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा व अन्य विभागों में आयोजित की जानी है। इसमें ऐसे मामले जो सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित हो सकते हैं, भरण पोषण, वैवाहिक मामलों, जिसमें लंबित एवं प्री-लीटिगेशन मामले भी शामिल हैं। स्थानीय विधियों के अंतर्गत शमनीय वाद, वन अधिनियम, किरायेदारी, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत चालान, मोटरयान अधिनियम, मनोरंजन कर अधिनियम, बाट माप प्रचलन अधिनियम, दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम, गृहकर, जलकर, राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड, जाति एवं आय प्रमाणपत्र, दाखिल खारिज वाद, मेड़बंदी संबंधी प्रकरण आदि का भी निपटारा कराया जा सकता है।
साथ ही अर्द्धन्यायिक अधिकरणों/ फोरमों आदि में लंबित प्रकरणों का भी निपटारा प्री-लीटिगेशन के माध्यम से कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त संबंधित न्यायाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने न्यायालय/ अधिकरण/ कार्यालय में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करें तथा लंबित मुकदमों/मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में नियत कर यथासंभव अधिक से अधिक निस्तारण करने का प्रयास करें।
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संतकबीरनगर। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिविल जज सीडि. अनन्या साह ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायालय परिसर एवं तहसील मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा व अन्य विभागों में आयोजित की जानी है। इसमें ऐसे मामले जो सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित हो सकते हैं, भरण पोषण, वैवाहिक मामलों, जिसमें लंबित एवं प्री-लीटिगेशन मामले भी शामिल हैं। स्थानीय विधियों के अंतर्गत शमनीय वाद, वन अधिनियम, किरायेदारी, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत चालान, मोटरयान अधिनियम, मनोरंजन कर अधिनियम, बाट माप प्रचलन अधिनियम, दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम, गृहकर, जलकर, राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड, जाति एवं आय प्रमाणपत्र, दाखिल खारिज वाद, मेड़बंदी संबंधी प्रकरण आदि का भी निपटारा कराया जा सकता है।
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साथ ही अर्द्धन्यायिक अधिकरणों/ फोरमों आदि में लंबित प्रकरणों का भी निपटारा प्री-लीटिगेशन के माध्यम से कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त संबंधित न्यायाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने न्यायालय/ अधिकरण/ कार्यालय में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करें तथा लंबित मुकदमों/मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में नियत कर यथासंभव अधिक से अधिक निस्तारण करने का प्रयास करें।
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