हाई कोर्ट ने निर्णय लिया: BNSS धारा 179 के अंतर्गत पुलिस को थाना से बाहर रहने वाले को समन नहीं भेज सकता
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 179 के तहत पुलिस अपने अथवा सटे हुए थाना क्षेत्र से बाहर रहने वाले व्यक्ति को सीधे पूछताछ के लिए समन नहीं भेज सकती। इस निर्णय से पंजाब पुलिस द्वारा दिल्ली निवासी को जारी नोटिस रद्द किया गया और जांच अधिकारी को मामले में आगे बढ़ने की छूट भी दी गई।

सौजन्य से:- Navbharat Times
दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179 के तहत पुलिस अपने या नजदीकी थाना क्षेत्र से बाहर रहने वाले व्यक्ति को सीधे पूछताछ के लिए समन नहीं भेज सकती।
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया है कि जांच अधिकारी अपने थाना क्षेत्र या उससे लगे थाने की सीमा से बाहर रहने वाले व्यक्ति को BNSS की धारा 179 के तहत पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश नहीं दे सकता। कोर्ट ने इसी आधार पर पंजाब पुलिस द्वारा एक दिल्ली निवासी को जारी नोटिस रद्द कर दिया।
क्या था पूरा मामला
जस्टिस गिरीश कठपालिया ने 25 अगस्त को नदीम नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने पंजाब के सिटी होशियारपुर थाने में दर्ज केस नंबर 197/2026 के जांच अधिकारी की ओर से 18 अगस्त को जारी नोटिस को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दी दलील
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि BNSS की धारा 179 (1) पुलिस अधिकारी को केवल ऐसे व्यक्ति को जांच में शामिल होने के लिए बुलाने की अनुमति देती है, जो उसके थाने या उससे सटे पुलिस थाने की क्षेत्रीय सीमा में मौजूद हो। ऐसे में दिल्ली निवासी को होशियारपुर थाने में पेश होने का निर्देश देना कानून के विपरीत था।
कोर्ट ने जांच अधिकारी को दी छूट
कोर्ट के सामने पंजाब सरकार ने भी नोटिस का बचाव नहीं किया। पंजाब पुलिस की ओर से पेश विशेष वकील ने नोटिस को स्वीकार करते हुए याचिका पर सहमति जताई। इसके बाद कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए नोटिस रद्द कर दिया। हालांकि, बेंच ने जांच अधिकारी को मामले में आगे बढ़ने की छूट दी है।
दूसरे राज्य में बुलाने की शक्ति पर
सीमा यह आदेश BNSS लागू होने के बाद पुलिस की समन शक्ति की क्षेत्रीय सीमा को लेकर अहम है। फैसले का मूल संदेश यह है कि जांच अधिकारी को मिली वैधानिक शक्ति असीमित नहीं है। पुलिस किसी को पूछताछ के लिए बुलाते समय BNSS में निर्धारित क्षेत्राधिकार की सीमा के पालन के लिए बाध्य है। खासकर जब संबंधित व्यक्ति दूसरे राज्य में रह रहा हो, तब उसे सीधे जांच अधिकारी के थाने में पेश होने के निर्देश के बजाय निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।
लेखक के बारे मेंप्राची यादवलगभग 19 साल से पत्रकारिता में हैं। सात साल तक एक दिल्ली-एनसीआर न्यूज चैनल में विभिन्न क्षेत्रों में काम किया। प्रोग्रामिंग और एंकरिंग भी की। टीवी से ही लीगल रिपोर्टिंग की शुरुआत हुई। उस दौरान, जिला अदालतों और दिल्ली हाई कोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट तक की रिपोर्टिंग की। 2013 में नवभारत टाइम्स से जुड़ीं। यहां पर शुरुआत जिला अदालतों, नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उपभोक्ता अदालतों की रिपोर्टिंग से हुई। वर्तमान में अन्य सभी अदालतों के साथ दिल्ली हाई कोर्ट भी कवर कर रही हैं।... और पढ़ें
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