होमवकीलसुप्रीम कोर्ट का आग्रह: कानून पढ़ाई की अवधि तय करने हेतु विशेषज्ञ निकाय का गठन
वकील

सुप्रीम कोर्ट का आग्रह: कानून पढ़ाई की अवधि तय करने हेतु विशेषज्ञ निकाय का गठन

सुप्रीम कोर्ट ने कानून की पढ़ाई कितने दिन की होनी चाहिए, इस विषय को गंभीर बताया और निर्णय लेने के लिए एक विशेषज्ञ निकाय की स्थापना का प्रस्ताव रखा। इस पर आधारित, कोर्ट ने कानून के पाठ्यक्रम व LLB‑LLM पाठ्यक्रम की अवधि की समीक्षा हेतु शिक्षा आयोग गठित करने की याचिका पर सुनवाई जारी रखी।

8 सितंबर 2026 को 10:31 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट का आग्रह: कानून पढ़ाई की अवधि तय करने हेतु विशेषज्ञ निकाय का गठन

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6aa089a18f6b4b98f500fad3","slug":"supreme-court-updates-today-law-study-days-decide-by-special-body-2026-09-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट अपडेट्स: विशेषज्ञ निकाय तय करेगा कानून की पढ़ाई कितने दिन की हो, सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

सुप्रीम कोर्ट अपडेट्स: विशेषज्ञ निकाय तय करेगा कानून की पढ़ाई कितने दिन की हो, सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी

Wed, 09 Sep 2026 03:48 AM IST

नितिन गौतम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला

Published by: नितिन गौतम

Updated Wed, 09 Sep 2026 03:48 AM IST

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून की पढ़ाई कितनी दिन की होनी चाहिए यह मुद्दा गंभीर है। इसके निर्धारण के लिए एक विशेषज्ञ निकाय होना चाहिए। शीर्ष कोर्ट कानून के पाठ्यक्रम व एलएलबी-एलएलएम कोर्स की अवधि की समीक्षा के लिए शिक्षा आयोग गठित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की?

सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, यह विशेषज्ञ निकायों का दौर है और कानूनी शिक्षा के लिए भी एक विशेषज्ञ निकाय होना चाहिए। इस मामले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है और उसे इस पर कोई पहल करनी चाहिए। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 सभी पेशेवर और अकादमिक पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को बढ़ावा देती है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एलएलबी और एलएलएम के मौजूदा पाठ्यक्रम, सिलेबस और अवधि की समीक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीबीए-एलएलबी पाठ्यक्रम की अवधि पाठ्यक्रम सामग्री के अनुपात में अधिक है। इसके कारण छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की?

सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, यह विशेषज्ञ निकायों का दौर है और कानूनी शिक्षा के लिए भी एक विशेषज्ञ निकाय होना चाहिए। इस मामले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है और उसे इस पर कोई पहल करनी चाहिए। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 सभी पेशेवर और अकादमिक पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को बढ़ावा देती है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एलएलबी और एलएलएम के मौजूदा पाठ्यक्रम, सिलेबस और अवधि की समीक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीबीए-एलएलबी पाठ्यक्रम की अवधि पाठ्यक्रम सामग्री के अनुपात में अधिक है। इसके कारण छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

विज्ञापन

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट में सत्य निकेतन हादसे की विस्तृत सुनवाई 10 सितंबर को तय
वकील

सुप्रीम कोर्ट में सत्य निकेतन हादसे की विस्तृत सुनवाई 10 सितंबर को तय

साकेत नगर में रिहायशी क्षेत्रों में वाणिज्यिक कार्यों पर हाई कोर्ट के वकील ने 15‑दिन में रोक की मांग
वकील

साकेत नगर में रिहायशी क्षेत्रों में वाणिज्यिक कार्यों पर हाई कोर्ट के वकील ने 15‑दिन में रोक की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने पीयरलेस की जीत को मान्यता दी, भगवती डेवलपर्स की अपील को खारिज; तीन दशक पुराना कॉरपोरेट झगड़ा समाप्त
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पीयरलेस की जीत को मान्यता दी, भगवती डेवलपर्स की अपील को खारिज; तीन दशक पुराना कॉरपोरेट झगड़ा समाप्त

12 सितंबर को भिवानी और उपमंडलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
वकील

12 सितंबर को भिवानी और उपमंडलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

लाइव लॉ अकादमी ने एम एंड ए पर नया कैप्सूल कोर्स शुरू किया
वकील

लाइव लॉ अकादमी ने एम एंड ए पर नया कैप्सूल कोर्स शुरू किया

हापुड़ में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का सत्र आयोजित
वकील

हापुड़ में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का सत्र आयोजित

दिवंगत कर्मचारी की विधवा की पेंशन दावे को देर से आवेदन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया
वकील

दिवंगत कर्मचारी की विधवा की पेंशन दावे को देर से आवेदन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व‑नियमितीकरण सेवा को पेंशन अधिकार में शामिल किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व‑नियमितीकरण सेवा को पेंशन अधिकार में शामिल किया

ताज़ा ख़बरें