अपर प्रधान न्यायाधीश ने तहसीलदार को अवमानना नोटिस जारी
गोण्डा के परिवार न्यायालय की अपर प्रधान न्यायाधीश अलका यादव ने तहसीलदार सदर गोण्डा पर अवमानना नोटिस जारी कर 16 सितंबर को व्यक्तिगत उपस्थिति और स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। यह कदम तब उठाया गया जब तहसीलदार ने भरण-पोषण से जुड़े 1.04 लाख रुपये के बकाया के लिए जारी न्यायालय आदेश का पालन नहीं किया और नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुए।

सौजन्य से:- Hindustan
अदालत ने तहसीलदार को भेजा अवमानना नोटिस
गोण्डा में पारिवारिक न्यायालय की अपर प्रधान न्यायाधीश अलका यादव ने तहसीलदार सदर के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। उन्होंने 16 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। मामला पूजा जायसवाल के भरण-पोषण से जुड़ा है, जिसमें बकाया 1.04 लाख रुपये की वसूली का आदेश दिया गया था।
गोण्डा, विधि संवाददाता। अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अलका यादव ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन न कराने और स्पष्टीकरण के लिए तलब किए जाने के बावजूद उपस्थित न होने पर तहसीलदार सदर गोण्डा के विरुद्ध अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें 16 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। मामला पूजा जायसवाल के भरण-पोषण से जुड़ा है। न्यायालय ने विपक्षी पति शिवनंदन जायसवाल पुत्र रामफेर निवासी डड़वा कानूनगो पर बकाया 1.04 लाख रुपये की भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए उसके हिस्से की भूमि कुर्क कर भुगतान कराने का आदेश दिया था।
अदालत ने कहा कि प्रतिवादी की तीन गाटों वाली अचल संपत्तियों का पूर्व में स्पष्ट उल्लेख किया जा चुका था। लेकिन तहसीलदार की रिपोर्ट में इन संपत्तियों की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। 16 जुलाई को जारी नोटिस के बावजूद न तो स्पष्टीकरण दिया गया और न ही तहसीलदार व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुए। इसे न्यायालय ने आदेश की अवहेलना मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। तहसीलदार को निर्देश दिया गया है कि 16 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्ट करें कि उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए और विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को क्यों न अवगत कराया जाए।
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