सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद गाजियाबाद की CJP कार्यकर्ता को सुरक्षा नहीं मिली, स्कूल से दूर रहने को मजबूर
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद की 14‑साल की CJP कार्यकर्ता को पत्थर फेंकने और बलात्कार की धमकी के बाद तुरंत सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया था, परन्तु अब तक पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली है। लगातार मिलने वाले खतरों के कारण वह अपनी पढ़ाई और स्कूल जाने से वंचित है, जबकि वकील और CJI ने इस स्थिति को गंभीर बताया है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Ghaziabad
- Ghaziabad CJP Activist Security Case | Supreme Court Order Violation
गाजियाबद में CJP कार्यकर्ता को नहीं मिली सुरक्षा:सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- तत्काल सुरक्षा दी जाए, एक्स पर लिखा- मैं डर के कारण स्कूल नहीं जा पा रहीं हूं
- कॉपी लिंक
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद में रहने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की 14 साल की कार्यकर्ता के घर पथराव और रेप की धमकी के मामले में एक दिन पहले सुरक्षा का आदेश दिया था। जहां सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा- इन आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। किस
एक्स पर लिखा मैं स्कूल नहीं जा पा रहीं हूं
CJP कार्यकर्ता ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद, अब तक न तो मुझे और न ही मेरे परिवार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की गई है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण मुझे वास्तव में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डर लगा हुआ है।
मेरे खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कई झूठी क्रॉस-एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। मुझे डर है कि इन मामलों का इस्तेमाल मुझे ऐसी जगहों पर जाने के लिए मजबूर करने के लिए किया जा सकता है, जहां मुझ पर जानलेवा हमला किया जा सकता है।
मैं कक्षा 10 का छात्रा हूं और इस वर्ष मेरी बोर्ड परीक्षाएं हैं। हालांकि, अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार बने खतरे के कारण मैं स्कूल और ट्यूशन नहीं जा पा रहा हूं। इससे मेरी पढ़ाई और भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
इसलिए मैं सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को तत्काल लागू किया जाए और मुझे तथा मेरे परिवार को बिना किसी और देरी के पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक संरक्षण प्रदान किया जाए। यह बातें दिल्ली पुलिस, यूपी पुलिस, और एडीजी मेरठ जोन को टैग की हैं। हालांकि गाजियाबाद कमिश्नरेट है, यह जिला अब एडीजी मेरठ जोन के कार्यक्षेत्र में नहीं है। गाजियाबाद में आईजी रैंक के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर हैं।
वकील बोले- अगर बच्ची को कुछ हुआ तो बाद में ठीक नहीं होगा
सुनवाई के दौरान गुरुवार को CJP कार्यकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि लड़की की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जांच कर रही है। उस पर हमला करने और धमकाने वाले लोग खुले घूम रहे हैं, जबकि लड़की के खिलाफ ही एक काउंटर FIR दर्ज कर दी गई है। बच्ची के साथ कोई अप्रिय घटना हो गई तो बाद की कार्रवाई से उस नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकेगी।
इसके जवाब में CJI ने कहा- जांच और हाई पावर कमेटी की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन बच्ची की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करना अलग और जरूरी जिम्मेदारी है। अगर आरोपों का सामना कर रहे लोग खुले घूम रहे हैं और बच्ची या उसके परिवार को आपराधिक कार्रवाई आगे न बढ़ाने के लिए धमका रहे हैं तो यह गंभीर मामला है।
सोशल मीडिया पर रेप की धमकी, पिता को गालियां दीं
CJP कार्यकर्ता के पिता ने गुरुवार को X पर दावा किया कि उनकी नाबालिग बेटी को धमकियां दी जा रही हैं। बुधवार को CJP कार्यकर्ता ने ने कहा था कि मैसेज भेजकर उन्हें रेप और जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
उन्होंने कहा था, कुछ लोग मेरे बयान को झूठा बता रहे हैं। आप खुद सोचिए, जब ये लोग फोन पर मैसेज के जरिए मेरे खिलाफ इतनी अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो अगर मेरा इन लोगों से आमना-सामना हो जाए, तो मेरी सुरक्षा का क्या होगा? मेरे मन में कितना डर और चिंता होगी।
परिवार की सुरक्षा की मांग की थी
इससे पहले CJP कार्यकर्ता ने शनिवार रात 10.48 बजे सोशल मीडिया X पर वीडियो जारी किया था। कहा था- कुछ लोग उनके घर को घेर रहे हैं और घर पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। उन्होंने दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस से अपने माता-पिता और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी।
उन्होंने कहा था- अगर मेरे माता-पिता को कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? हालांकि दैनिक भास्कर से सोसाइटी के लोगों ने कार्यकर्ता के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया था।
वहीं जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पिता के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया था। इस मामले में आरोपी कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज की एक सप्ताह पहले गिरफ्तारी हो चुकी है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ई‑कॉमर्स में फर्जी छूट को अलविदा: 70% ऑफ़ का झूठ अब खत्म

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा के बबेरू थाने में पुलिस हिरासत हिंसा के आरोपी अधिकारियों को राहत नहीं दी

रांची में राष्ट्रीय लोक अदालत से एक दिन में 1.5 लाख लंबित मामलों का समाधान, 295 बेंचों की तैनाती

ई‑कॉमर्स में झूठी छूट को मिला कड़ा जवाब

केरल ने जिला न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा हाई‑पॉवर्ड इनक्वायरी कमेटी को FIR दर्ज करने का अधिकार नहीं

शादी का वादा तोड़ना स्वभाविक नहीं, अपराध तभी जब शुरू से झूठा इरादा हो: सुप्रीम कोर्ट का नया दिशानिर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र धर्मांतरण कानून की संवैधानिकता पर मौलाना की चुनौती
ताज़ा ख़बरें
- जज ने सौरभ दास को दी चेतावनी: अदालत में नहीं, सही जाँच करके विरोध करो
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा: झूठे शादी वादे से उत्पन्न यौन संबंध पर बीएनएस धारा 69 का कोई दण्ड नहीं
- सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर ने कहा, सीजेपी धरने पर नोटिस जारी करने वाले अधिकारी को निलंबित किया गया
- सुप्रीम कोर्ट ने BNS धारा 69 के तहत धोखे से शादी का वादा करके सेक्स को आपराधिक नहीं माना, FIR रद्द की
- प्रांतीय सामाजिक बीमा एजेंसी ने स्वास्थ्य बीमा धोखाधड़ी पर कानूनी नियमों का प्रसार किया
- विधायक अब्बास अंसारी ने सुरक्षा की मांग के साथ चित्रकूट जेल अवैध मुलाकातों की सुनवाई में पेश
- ब्राज़ील के सर्वोच्च न्यायालय में तनाव बढ़ा, दो लगातार सत्र रद्द
- सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी पहुँच समस्या

