रांची में राष्ट्रीय लोक अदालत से एक दिन में 1.5 लाख लंबित मामलों का समाधान, 295 बेंचों की तैनाती
12 सितंबर को रांची सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में झारखंड के विभिन्न न्यायालयों के लगभग 1.5 लाख लंबित केसों की एक ही दिन सुनवाई की संभावना है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 295 बेंचों की व्यवस्था की है और धनबाद से न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों के वर्चुअल उपस्थिति के साथ कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के सिविल, अपराध, राजस्व और पारिवारिक मामलों को निपटाया जाएगा।

सौजन्य से:- ETV Bharat
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझेंगे लंबित मामले! राज्यभर में किया गया 295 बेंच का गठन
12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर रांची सिविल कोर्ट परिसर में व्यापक तैयारी की गई है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.
Published : September 11, 2026 at 5:36 PM IST
रांची: राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार झारखंड के विभिन्न न्यायालयों में चल रहे करीब 1.5 लाख लंबित मामले एक साथ एक दिन में निष्पादित होने की संभावना है. झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. नालसा के निर्देश पर 12 सितंबर को आयोजित हो रहे इस साल के तीसरे राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए राज्यभर में 295 बेंच का गठन किया गया है.
झालसा से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर मुख्य कार्यक्रम धनबाद में आयोजित होगा, जहां न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा इसमें मुख्य अतिथि के रुप में रहेंगे.
वहीं न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे. इस मौके पर झारखंड के सभी DLSAs में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन तथा राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन होगा.
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय सह कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर इस राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की तैयारी विगत कई सप्ताह से चल रही थी, इसमें सभी प्रकार के वाद-विवाद एवं गैर-विवादित मामलों, चेक बाउंस के मामले, विद्युत चोरी के मामले, उत्पाद, वन, मोटर वाहन के मामले, पारिवारिक प्रकृति के मामले तथा विभिन्न दिवानी (revenue) मामलों की सुनवाई के साथ निष्पादन किया जाएगा.
त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम है लोक अदालत
गौरतलब है कि लोक अदालत लोगों को त्वरित न्याय दिलाने का एक प्रभावी माध्यम है. लोक अदालत में विवादित मामलों तथा अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा किया जाता है, जिससे पैसे और समय दोनों की बचत होती है.
रांची सिविल कोर्ट परिसर में की गई व्यापक तैयारी
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर रांची सिविल कोर्ट परिसर में व्यापक तैयारी की गई है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रोशन ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 58 बेंच बनाए गए हैं. इस बार विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों को निष्पादित करने की प्राथमिकता है. इसके अलावा विभिन्न वादों का सुनवाई होगा.
भारी संख्या में मामलों के निपटारे की उम्मीद
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि दिन के 10:30 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत प्रारंभ होगा, जिसे धनबाद से आयोजित कार्यक्रम के जरिए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा के द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पीएलबी के माध्यम से बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं, उम्मीद है कि भारी संख्या में लोग इसमें आयेंगे और केसों का निपटारा होगा.
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