स्थायी व राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
कैमूर में स्थायी लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने पर जोर फोटो.कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता | Prabhat Khabar Network कैमूर के भभुआ में स्थायी और राष्ट्रीय ल…

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कैमूर में स्थायी लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने पर जोर
फोटो.कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता | Prabhat Khabar Network
कैमूर के भभुआ में स्थायी और राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें त्वरित न्याय पर जोर दिया गया।
Kaimur News : बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के तत्वावधान में जिला अधिवक्ता संघ, भभुआ के सभागार में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार, कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिवक्ताओं को जागरूक करना था.
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स्थायी लोक अदालत से मिलेगा सस्ता और त्वरित न्याय
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवींद्र नाथ चौबे ने की, जबकि मंच संचालन संघ के कार्यकारी महासचिव सह सचिव विकास कुमार शर्मा ने किया. मुख्य अतिथि स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम जनता और वादकारियों को सुलभ, त्वरित और सस्ता न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है.
बिजली-पानी से लेकर अस्पताल तक के विवाद होंगे सुलझाए
सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि बिजली, पेयजल, डाक, संचार, परिवहन, बैंकिंग, बीमा और अस्पताल व स्वास्थ्य सेवाओं जैसी सार्वजनिक जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों को स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है. इसके लिए जटिल अदालती प्रक्रिया और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचते हुए सौहार्दपूर्ण तरीके से विवाद का समाधान किया जाता है.
राष्ट्रीय लोक अदालत में इन मामलों का होगा निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के सचिव डॉ. शैल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, वैवाहिक व पारिवारिक विवाद और दीवानी मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर अंतिम रूप से निष्पादन किया जाता है.
फैसले के खिलाफ नहीं होती अपील
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में निपटाये गये मामलों में नियमानुसार कोर्ट फीस वापस होती है. वहीं, लोक अदालत के निर्णय के खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता. इससे दोनों पक्षों का समय, धन और मानसिक तनाव बचता है. साथ ही आपसी विवादों का समाधान होने से समाज में भाईचारा और सौहार्द भी मजबूत होता है.
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने का संकल्प
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवींद्र नाथ चौबे ने कहा कि अधिवक्ता संघ हमेशा से आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के पक्ष में रहा है. उन्होंने कहा कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में संघ का प्रत्येक सदस्य पूरी निष्ठा से अपनी सकारात्मक भूमिका निभायेगा.
ये अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में अधिवक्ता राम बहादुर पासवान, अशोक कुमार सिंह, अक्षय कुमार चौबे, ज्ञान सिंह, दाऊजी, मारकंडेय सिंह, विजयमल श्रीवास्तव, निरंजन कुमार सिंह, बबलू प्रसाद, जीपी गुप्ता, राजेश्वर तिवारी, हृदयल और कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे.
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