सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले कानून के तहत उपलब्ध प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और यदि संबंधित प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करते तब ही अदालत दखल देगी.

सौजन्य से:- NDTV Hindi
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है. कोर्ट ने इस मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि अदालत आने के बजाय याचिकाकर्ता को प्राधिकरण के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए. पहले कानून के तहत उपलब्ध प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए.अदालत तभी दखल देगी जब प्राधिकरण कानून के मुताबिक कार्रवाई नहीं करता. बता दें कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने कहा कि ये मामला देश के सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है.
इस पर जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि पहले कानून के तहत उपलब्ध प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या आपने मामला दर्ज कराया है, पुलिस मौजूद है. हमारी व्यवस्था पर भरोसा रखिए. जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी कोर्ट है और उसकी भूमिका निगरानी की है. यदि हर मामला सीधे शीर्ष अदालत में लाया जाएगा तो निचली संस्थाओं की भूमिका प्रभावित होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि यह गंभीर मामला है और वह व्यक्तिगत रूप से ऐसे मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं, लेकिन निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है. यदि संबंधित प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करते तब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया जा सकता है. साथ ही जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि संवेदनशील मामलों में अनावश्यक सनसनी से बचना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
ताज़ा ख़बरें
- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू

