श्रीलंका में ईस्टर बम हमले के सात साल बाद न्याय: 15 आरोपी को दो सौ वर्ष कारावास
2019 के ईस्टर रविवार को तीन चर्चों और होटलों में हुए बम विस्फोटों में 270 से अधिक लोगों की मौत और 500 से अधिक घायल हुए थे। पाँच साल तक चले मुकदमे के बाद कोलंबो की उच्च अदालत ने 15 अभियुक्तों को प्रत्येक दो सौ वर्ष की सजा सुनाई और उनकी संपत्ति जब्त का आदेश दिया। इस निर्णय से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी सजा का संदेश दिया गया।

सौजन्य से:- Jagran
श्रीलंका दहलने के 7 साल बाद इंसाफ: ईस्टर बम धमाके मामले में अदालत ने 15 आरोपितों को दोषी ठहराया
वर्ष 2019 में ईस्टर संडे बम धमाकों में शामिल रहे 15 लोगों को श्रीलंका की एक अदालत ने मंगलवार को ...और पढ़ें
HighLights
- इन धमाकों में 11 भारतीयों समेत 270 लोगों की मौत हुई थी
- यह फैसला लगभग पांच वर्ष तक चले लंबे मुकदमे के बाद सुनाया गया
एपी, कोलंबो। वर्ष 2019 में ईस्टर संडे बम धमाकों में शामिल रहे 15 लोगों को श्रीलंका की एक अदालत ने मंगलवार को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी को 200-200 वर्ष जेल की सजा सुनाई है। इसका मतलब है कि वे अपनी बाकी जिंदगी जेल में बिताएंगे।
इन धमाकों में 11 भारतीयों समेत 270 लोगों की मौत हुई थी और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे। हाई कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया।
यह फैसला लगभग पांच वर्ष तक चले लंबे मुकदमे के बाद सुनाया गया। 21 अप्रैल, 2019 को हुए इन हमलों में ईस्टर की प्रार्थना के दौरान देशभर के तीन कैथोलिक चर्चों और तीन लग्जरी होटलों को निशाना बनाया गया था।
इस्लामिक स्टेट ग्रुप से प्रेरित ये बम धमाके श्रीलंका के इतिहास के सबसे घातक हमलों में से एक थे। इनमें भारतीयों समेत 42 विदेशी नागरिक भी मारे गए और देशभर में कई समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
उपप्रधानमंत्री ले टिएन चाउ ने संशोधित आपराधिक, भूमि, आवास और अचल‑संपत्ति व्यापार कानूनों पर सार्वजनिक परामर्श का निर्देश जारी किया

वीएनईआईडी से भूमि, आवास और अचल संपत्ति कानूनों पर जनमत संग्रह: जनता कैसे दे सकती है अपनी प्रतिक्रिया?

सुप्रीम कोर्ट में मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले की सुनवाई, व्यापारियों को राहत की उम्मीद, महिलाओं ने 171वें दिन धरना जारी रखा

व्यवहारिक कार्यान्वयन से ही तय होती है कानून की असली गुणवत्ता

कानून के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में कदम और उपलब्धियां

फ़िज़िक्स वॉलह: किफ़ायती ई‑ड्यूक्शन से लाखों छात्रों को सशक्त बनाने वाला मंच

भूमि सुधार अधिनियम के मसौदे को शीघ्र अंतिम रूप देने की मांग

सुप्रीम कोर्ट का इकोसेंट्रिक मोड़: जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने प्रकृति‑केंद्रित न्याय की दिशा में कदम बढ़ाए
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट में मेरठ सेंट्रल मार्केट केस की सुनवाई: 44 संपत्तियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश, व्यापारियों की चिंता बढ़ी
- पश्चिम बंगाल में दल‑बदल विवाद के बीच दलबदल कानून को कड़ा करने की पुकार
- राष्ट्रपति के आदेश से दिल्ली हाईकोर्ट में सात नए जज, कुल संख्या 51 तक पहुँची
- अमेरिकी टैरिफ नियमों से भारतीय निर्यात में बढ़ी अनिश्चितता
- अमेरिका के 100% टैरिफ कानून से भारत के $140 अरब व्यापार को हो सकता है बड़ा झटका
- चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल और परिवार पर SIR नोटिस भेजे, 110 में से पाँच नाम शामिल
- ट्रंप के नए कानून से भारत के निर्यात पर 100% टैरिफ का खतरा, व्यापार जगत में घबराहट
- भूमि विधि संशोधन में लैंगिक समानता: सिद्धांत से व्यवहारिक असर तक

