झांसी में अनुदेशक शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश न मानने पर क्रमिक अनशन जारी रखा
झांसी में अनुदेशक शिक्षक समान वेतन की मांग करते हुए गांधी प्रतिमा के सामने क्रमिक अनशन कर रहे हैं, जबकि 4 फ़रवरी 2026 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश का पालन नहीं किया है। इस अनिच्छा के कारण उन्होंने न्याय और अधिकारों के लिए सत्याग्रह अपनाने का फैसला किया।

सौजन्य से:- Hindustan
Jhansi News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग, अनुदेशकों का क्रमिक अनशन जारी
Jhansi News: झांसी में तीसरे रविवार को शिक्षकों ने गांधी प्रतिमा के सामने क्रमिक अनशन किया। वे समान वेतन की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में उनके हक में निर्णय दिया, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अभी तक आदेश का पालन नहीं कर रही है। अनुदेशक शिक्षक अब सत्याग्रह का रास्ता अपनाने को मजबूर हैं।
Jhansi News: झांसी,संवाददाता । तीसरे रविवार को लगातार अनुदेशकों ने गांधी प्रतिमा के सामने क्रमिक अनशन किया। यहाँ शिक्षकों के समान वेतन की मांग की। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हमारी मांगे पूरी करें। उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षकों का सरकार द्वारा पिछले 14 वर्षों से शोषण किया जा रहा है, जिससे वे अपने विधिक एवं मौलिक अधिकारों से वंचित हैं। पीड़ित और व्यथित अनुदेशकों द्वारा शासन एवं प्रशासन से लगातार गुहार लगाई जाती रही है।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया
लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद यह मामला देश के सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा। गहन विचार-विमर्श, तकों एवं साक्ष्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 को 46 पृष्ठों का ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। अदालत ने अनुदेशक शिक्षकों को नियमित शिक्षक मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से बकाया एरियर के भुगतान तथा शिक्षकों के समान वेतन व अन्य सुविधाएं प्रदान करने का आदेश दिया।
सरकारी अवहेलना
दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकार की रिव्यू पेटीशन खारिज किए जाने के बावजूद, प्रदेश सरकार ने आदेश के अनुपालन हेतु अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया है। अनुदेशकों द्वारा कई बार ज्ञापन और विनती के माध्यम से पैरवी की गई, लेकिन सरकार जानबूझकर आदेश की अवहेलना कर रही है। इससे अनुदेशक शिक्षक अत्यंत निराशा और अवसाद के दौर से गुजर रहे हैं।
सत्याग्रह का निर्णय
राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अनुदेशक शिक्षक अब अपने न्याय और अधिकारों के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के दिखाए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने को विवश हैं। अनुदेशक अपनी इस अंतहीन पीड़ा और सरकार की उपेक्षा को आम जनमानस के समक्ष रखने के लिए सत्याग्रह का रास्ता अपनाएंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रिंस चौधरी , रामकुमार यादव, शेरसिंह,, राजेश वर्मा,रवीन्द्र गौतम, शिवा चौहान,कपिल आर्या,संदीप चौधरी, राजकुमार कुशवाहा,अरविंद साहू,आशीष द्विवेदी,शैलेश राज,पृथ्वीराज, यशपाल, रोहित सोनकर,सुरेन्द्र यादव,धर्मेन्द्र,करन , कप्तान,भावना, साहू, शिशुपाल, राजेश नागर, सर्वेश रैयकवार,निक्की वर्मा,भावना सोनी, वैजयंती, मनीषा कुशवाहा,मंगलेश वर्मा,आरती देवी,रश्मि शर्मा, मंजू लता, अंशु खरे, राजे रूपाली सिंह,हेमलता, सानिया मिश्रा,राखी शर्मा, रश्मि आनंद, विनीता वर्मा, गार्गी गौतम,सबीना,सुनीता,अभिलाषा,आलोक खरे आदि मौजूद रहे।
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