होमसंविधानममता ने ईसी के प्रतीक प्रतिबंध को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
संविधान

ममता ने ईसी के प्रतीक प्रतिबंध को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को दायर किया, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के प्रतीक को फ्रीज़ करने के फैसले को उलटने की मांग की गई है। उसी दिन दो तृणमूल कांग्रेस फेक्शन को अलग-अलग नाम और प्रतीक – ममता के समूह को फुटबॉल खिलाड़ी और ऋताब्रत के समूह को लिफ़ाफ़ा – आवंटित किए गए थे। याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने दल की संरचना की पूरी जांच नहीं की और विद्रोही विधायकयों के बयानों पर अत्यधिक भरोसा किया।

19 सितंबर 2026 को 02:05 pm बजे
ममता ने ईसी के प्रतीक प्रतिबंध को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

सौजन्य से:- The Hindu

The Trinamool Congress faction led by former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee moved the Supreme Court on Friday (September 18, 2026) against a decision by the Election Commission of India (ECI) to freeze the party’s symbol.

The petition was filed hours after the top poll body on Friday (September 18, 2026) allotted new names and symbols to the two factions of the Trinamool Congress led by Mamata Banerjee and Ritabrata Banerjee.

On Thursday (September 17, 2026), the ECI had issued an interim order barring the use of the party symbol and name in the upcoming Assembly byelections in Nandigram and Rejinagar in West Bengal.

The Mamata-led faction got the name 'Mamata All India Trinamool Congress' with ‘football player’ as its symbol, while the Ritabrata-led grouping was allotted the name 'Democratic Trinamool Congress' with the symbol of an 'envelope’.

The plea said the ECI did not comprehensively look into the party structure while considering rival claims made by the two camps.

The petition said the Election Commission had banked on the statements of rebel legislators who were facing disqualification proceedings under the Tenth Schedule (anti-defection law) of the Constitution.

The Mamata Banerjee camp has also filed a separate petition highlighting the delay in the disqualification proceedings pending before the West Bengal Assembly Speaker against the 10 legislators from the rebel faction.

Published - September 19, 2026 01:15 am IST

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट: पर्यावरणीय न्याय का बरगद, जड़ें सभ्यता में और शाखाएँ भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षा देती हैं
संविधान

सुप्रीम कोर्ट: पर्यावरणीय न्याय का बरगद, जड़ें सभ्यता में और शाखाएँ भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षा देती हैं

सुप्रीम कोर्ट के सिफ़ारिश पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सात नए न्यायाधीश नियुक्त
संविधान

सुप्रीम कोर्ट के सिफ़ारिश पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सात नए न्यायाधीश नियुक्त

ममता बनर्जी की फोकस्ड लड़ाई: ECI के प्रतीक प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
संविधान

ममता बनर्जी की फोकस्ड लड़ाई: ECI के प्रतीक प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर केंद्र ने चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति की
संविधान

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर केंद्र ने चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति की

झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीश नियुक्त, सुप्रीम कोर्ट सिफ़ारिश पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दी
संविधान

झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीश नियुक्त, सुप्रीम कोर्ट सिफ़ारिश पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दी

सुप्रीम कोर्ट ने आयकर धारा 147A को रद्द करने वाले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट फैसले को रोका
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने आयकर धारा 147A को रद्द करने वाले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट फैसले को रोका

सुप्रीम कोर्ट – पर्यावरण न्याय का बरगद, जड़ें सभ्यता में, शाखाएँ भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा
संविधान

सुप्रीम कोर्ट – पर्यावरण न्याय का बरगद, जड़ें सभ्यता में, शाखाएँ भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा

जस्टिस ओका ने जस्टिस उज्जल भुयां की दिल्ली मेट्रो आर्बिट्रेशन फैसले की आलोचना का समर्थन किया
संविधान

जस्टिस ओका ने जस्टिस उज्जल भुयां की दिल्ली मेट्रो आर्बिट्रेशन फैसले की आलोचना का समर्थन किया

ताज़ा ख़बरें