सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर केंद्र ने चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति की
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सुझाव पर चार हाईकोर्ट – दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक और जम्मू‑कश्मीर एवं लद्दाख में कुल 14 न्यायिक अधिकारियों को जज और अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र ने लगाई मुहर; कौन-कौन शामिल?
Sat, 19 Sep 2026 03:20 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 19 Sep 2026 03:20 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र ने चार हाईकोर्ट में 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की है। दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। किन अधिकारियों को जज और अतिरिक्त जज बनाया गया? जानिए इस रिपोर्ट में।
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन्हें चार हाईकोर्ट में जज और अतिरिक्त जज बनाया गया है। इनमें दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट शामिल हैं।
केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से सलाह के बाद लिया गया है। इसके बाद संबंधित हाईकोर्ट में इन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
किस हाईकोर्ट में किसे मिली जिम्मेदारी?
इन नियुक्तियों में निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया है। वहीं, संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
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यश पाल बोर्नी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। झारखंड हाईकोर्ट में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज नियुक्त किया गया है। वहीं, उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वी भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
कब हुई थी नियुक्तियों की सिफारिश?
इन नियुक्तियों के पीछे सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशें हैं। कॉलेजियम की अध्यक्षता सीजेआई सूर्यकांत कर रहे हैं। कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई बैठक में इन नियुक्तियों की सिफारिश की थी।
ये भी पढ़ें: बंगाल: रेजीनगर उपचुनाव में ममता के उम्मीदवार ने नाम वापस लेने का एलान किया; कुछ घंटे बाद क्यों फैसला बदला?
दिल्ली हाईकोर्ट के लिए किन नामों की सिफारिश हुई थी?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर आठ न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इनमें निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-प्रथम, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल थे। कॉलेजियम ने यश पाल बोर्नी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की भी सिफारिश की थी।
झारखंड और कर्नाटक में किन नामों पर लगी मुहर?
इसी तरह, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को झारखंड हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी।
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केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से सलाह के बाद लिया गया है। इसके बाद संबंधित हाईकोर्ट में इन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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किस हाईकोर्ट में किसे मिली जिम्मेदारी?
इन नियुक्तियों में निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया है। वहीं, संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
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यश पाल बोर्नी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। झारखंड हाईकोर्ट में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज नियुक्त किया गया है। वहीं, उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वी भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है।
कब हुई थी नियुक्तियों की सिफारिश?
इन नियुक्तियों के पीछे सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशें हैं। कॉलेजियम की अध्यक्षता सीजेआई सूर्यकांत कर रहे हैं। कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई बैठक में इन नियुक्तियों की सिफारिश की थी।
ये भी पढ़ें: बंगाल: रेजीनगर उपचुनाव में ममता के उम्मीदवार ने नाम वापस लेने का एलान किया; कुछ घंटे बाद क्यों फैसला बदला?
दिल्ली हाईकोर्ट के लिए किन नामों की सिफारिश हुई थी?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर आठ न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इनमें निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-प्रथम, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल थे। कॉलेजियम ने यश पाल बोर्नी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की भी सिफारिश की थी।
झारखंड और कर्नाटक में किन नामों पर लगी मुहर?
इसी तरह, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को झारखंड हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी।
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