पूर्वी चंपारण पुलिस ने मोरल पुलिसिंग पर किया कड़ा इशारा, उल्लंघनकर्ताओं को मिलेगी कठोर सजा
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देशानुसार पूरे जिले में निजी जीवन में हस्तक्षेप को रोकने हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया है। मोरल पुलिसिंग के नाम पर किसी को रोकना, धमकाना या सार्वजनिक अपमान करना भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध माना गया है और ऐसे कृत्यों के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम हाल की जमुई‑समस्तीपुर घटनाओं के बाद उठाया गया है।

सौजन्य से:- Jagran
पूर्वी चंपारण में मोरल पुलिसिंग पर पुलिस का कड़ा रुख, कानून तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
पूर्वी चंपारण में पुलिस ने मोरल पुलिसिंग के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया ...और पढ़ें
HighLights
- पुलिस ने मोरल पुलिसिंग के खिलाफ सख्त अभियान चलाया।
- निजी जीवन में हस्तक्षेप करना कानूनी तौर पर गलत है।
- कानून हाथ में लेने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। जिले में मोरल पुलिसिंग के नाम पर कानून हाथ में लेकर महिला या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जिले के सभी थानों में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। पुलिस की ओर से जागरूकता संदेश जारी कर लोगों को निजी जीवन में हस्तक्षेप नहीं करने की सलाह दी गई है।
निजी जीवन में हस्तक्षेप अपराध
पुलिस की ओर से जारी जनहित सूचना में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को वयस्कों की मित्रता या उनके साथ घूमने का विरोध नहीं करना चाहिए।
वयस्कों के निजी संबंधों में हस्तक्षेप करना, कपड़े, मित्रता या जीवनशैली पर टिप्पणी करना कानूनी तौर पर गलत है। इसके अलावा जबरदस्ती रोकना, ले जाना, धमकाना, गाली देना या सार्वजनिक रूप से किसी को अपमानित करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
कानून हाथ में लेने पर कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है। किसी भी व्यक्ति को मोरल पुलिसिंग करने या कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत ऐसे कृत्यों के लिए दंड का प्रावधान है।
जमुई समस्तीपुर की घटनाएं
हाल में जमुई और समस्तीपुर में हुई घटनाओं और उनसे संबंधित वीडियो प्रसारित होने के बाद पूर्वी चंपारण के सभी थानों में यह अभियान शुरू किया गया है।
इन घटनाओं ने मोरल पुलिसिंग के नाम पर कानून हाथ में लेने को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। इसी को देखते हुए पूर्वी चंपारण पुलिस थाना स्तर पर लोगों को जागरूक कर रही है।
इस तरह के काम कानूनी तौर पर गलत
- किसी को गलत तरीके से रोकना या बंधक बनाना
- धमकी देना
- मारपीट या हमला करना
- महिला के साथ छेड़खानी या उत्पीड़न करना
- पीछा करना या स्टाकिंग करना
- सार्वजनिक रूप से अपमानित करना
- आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीर बनाना अथवा उसे प्रसारित करना
मोरल पुलिसिंग करनेवालों पर पुलिस की कड़ी नजर है। बच्चियों व महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून हाथ में लेनेवाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वर्ण प्रभात,पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण
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