सुप्रीम कोर्ट ने दानम नागेंद्र की अयोग्यता की पुष्टि, खैरताबाद सीट पर उपचुनाव की राह खुली
सुप्रीम कोर्ट ने दानम नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता की याचिका खारिज कर हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने माना था कि उन्होंने BRS विधायक रहते कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने से वे 23 अप्रैल 2024 से अयोग्य हो गए। अब उनका विधानसभा पद रिक्त घोषित कर खैरताबाद में उपचुनाव का प्रावधान सक्रिय हो गया।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के पूर्व विधायक दानम नागेंद्र की अयोग्यता के खिलाफ याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।नागेंद्र ने BRS विधायक रहते हुए 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर सवाल उठा था।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तेलंगाना के पूर्व खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र की अयोग्यता के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने तेलंगाना हाई कोर्ट के 18 सितंबर के फैसले को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने नागेंद्र को विधानसभा सदस्य बने रहने के लिए अयोग्य घोषित करते हुए खैरताबाद विधानसभा सीट को रिक्त माना था।
BRS के टिकट पर जीते, कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा
दानम नागेंद्र 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के टिकट पर खैरताबाद से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लड़ा, जबकि उस समय वह विधानसभा में BRS विधायक थे। हाई कोर्ट ने इसी घटनाक्रम को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल और अयोग्यता का आधार माना था।
हाई कोर्ट ने 23 अप्रैल 2024 से माना था अयोग्य
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 18 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं खारिज की गई थीं। हाई कोर्ट ने कहा था कि नागेंद्र 23 अप्रैल 2024 से विधानसभा सदस्य के रूप में अयोग्य हैं। इसी के साथ अदालत ने खैरताबाद विधानसभा सीट को रिक्त घोषित किया था, जिससे वहां उपचुनाव का रास्ता साफ हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट में नागेंद्र ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने हाई कोर्ट की ओर से कानून की व्याख्या को सही माना और फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं पाया। अब सुप्रीम कोर्ट के याचिका खारिज करने के बाद नागेंद्र की अयोग्यता बरकरार है और खैरताबाद विधानसभा सीट पर आगे की चुनावी प्रक्रिया का रास्ता खुल गया है।
लेखक के बारे मेंअशोक उपाध्यायअशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का 12 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स और क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग का काफी अनुभव है। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले 6 साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने की अच्छी समझ है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ के साथ करंट अफेयर्स और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अच्छा खासा अनुभव है। करंट टॉपिक पर विश्लेषण और ओपिनियन लिखने में खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव: प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 12 साल से कार्यरत हैं।
JIMMC नोएडा से साल 2013 में पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले साल 2010 में एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद (सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ) से राजनीतिक शास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की। लोक प्रशासन विषय पर खास पकड़ है। पत्रकारिता से पहले यूपीएससी और उत्तराखंड और यूपी पीसीएस एग्जाम की तैयारी के दौरान समाजशास्त्र, संविधान समेत कई विषयों का अध्ययन किया। संवेदनशील मुद्दों पर लिखने की खास कला है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कई मार्मिक लेख लिखे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है, कई बार सफलता भी मिली है। पत्रकारिता में आगे और बेहतर सीखने और समझने का क्रम जारी है।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद को बदला नहीं सकता, दो हत्यारों को 25 साल की कठोर सजा

कोर्ट में झगड़े के बाद पति को मिली जमानत, पत्नी ने वैवाहिक सुलह की इच्छा जताई

पूर्वी चंपारण पुलिस ने मोरल पुलिसिंग पर किया कड़ा इशारा, उल्लंघनकर्ताओं को मिलेगी कठोर सजा

सुप्रीम कोर्ट ने जालसाजी के खिलाफ PIL सुनी, झूठे बलात्कार एवं SC/ST दावों पर कड़ी कार्रवाई की माँग

राहुल गांधी ने मोदी, शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर ‘वोट चोरी, कानून चोरी, संस्था चोरी’ का तीखा आरोप

राहुल गांधी ने मोदी‑शाह पर वोट, कानून और संस्थान चोरी का आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफ़ा की मांग

राहुल गांधी ने कहा, वोट चोरी से बने कानून भी अवैध – ज्ञानेश को सरकारी गवाह बनना चाहिए

गरिमा के साथ जीवन समाप्ति: भारत में अंत‑जीवन देखभाल का नया परिप्रेक्ष्य
ताज़ा ख़बरें
- अदानी समूह की पाँच कंपनियों ने सेबी के मामलों को 1.5 करोड़ में निपटाया
- गोंडा में न्यायिक अधिकारियों ने शुरू किया बच्चों के लिए पैक्सो कानून जागरूकता अभियान
- राहुल गांधी ने BJP व चुनाव आयोग पर लगाई कड़ी, एंटी‑इनकंबेंसी की अनुपस्थिति पर उठाया सवाल
- SC‑ST अत्याचार निवारण अधिनियम: दुरुपयोग के सवाल और कानूनी रोकों का विश्लेषण
- सुप्रीम कोर्ट ने साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मृत्यु के FIR में देरी और मजिस्ट्रेट पेशी को लेकर आंध्र पुलिस से पूछताछ की
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के नाम‑सिंबल विवाद में EC को समयसीमा देने को कहा
- आसिफ, हेमंत और मुकेश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
- VNeID के माध्यम से नागरिकों को भूमि, आवास और अचल‑संपत्ति कानूनों के मसौदे पर सीधे राय देने की सुविधा

