सुप्रीम कोर्ट के विभाजित फैसले को चुनौती: चुनाव आयोग की नियुक्ति विधि पर नई याचिका
जया ठाकुर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा द्वारा सुनाए गए विभाजित निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि चुनौती को संविधान बेंच में ले जाना चाहिए या नहीं। वे तर्क देते हैं कि यह मुद्दा अनुच्छेद 324 के तहत ईसीआई की स्वतंत्रता से जुड़ा है और न्यायमूर्ति शर्मा के पुत्र का ईसीआई के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकालत करने का संबंध संभावित हितों के टकराव की आशंका पैदा करता है, इसलिए न्यायमूर्ति को स्वयं से हट जाना चाहिए।

सौजन्य से:- The Economic Times
The petition filed by Jaya Thakur and others seeks reconsideration of the judgement delivered by justices Dipankar Datta and Satish Chandra Sharma, which resulted in a disagreement over whether the challenge to the Chief Election Commissioner and other Election Commissioners (Appointment, Conditions of Service and Term of Office) Act, 2023, required reference to a Constitution bench.
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The petitioners have contended that the verdict warrants reconsideration as the challenge raises fundamental questions concerning the independence of ECI under Article 324 of the Constitution. A principal ground in the plea is that justice Sharma's son is standing counsel for ECI before the Madhya Pradesh High Court. The petition contends that the professional relationship between the judge's son and the very constitutional authority whose appointment mechanism was under challenge created a reasonable apprehension of conflict and ought to have been disclosed to the parties. The plea contends that the circumstances warranted justice Sharma recusing himself from the proceedings.
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