कुन्नाल कामरा ने विधायी विशेषाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
स्टैंड‑अप कलाकार कुन्नाल कामरा ने विधायकों के विशेषाधिकार और अभिव्यक्ति की आज़ादी के संबंध में प्रश्न उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सात जजों की संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई 6 अक्टूबर को करेगी। कामरा का तर्क है कि महाराष्ट्र विधानसभा में उनके शो ‘नया भारत’ को लेकर चल रही विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही नागरिकों की आवाज़ को दमन कर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है।

सौजन्य से:- Hindustan
विधायी विशेषाधिकारों के मुद्दे पर कुणाल कामरा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जो विधायकों के विशेषाधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी से संबंधित है। यह मामला 6 अक्तूबर को सात जजों की संविधान पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए जाएगा। कामरा का कहना है कि नागरिकों की आवाज़ दबाना लोकतंत्र के लिए खतरा है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में दखल देने की अर्जी दी है। यह मामला विधायकों के विधायी विशेषाधिकारों के दायरे और अभिव्यक्ति की आजादी पर उनके असर से जुड़े प्रावधानों की व्याख्या से संबंधित है। सात जजों की संविधान पीठ 6 अक्तूबर को इस मामले पर सुनवाई करेगी। अपनी अर्जी में कामरा ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने मौजूद कानूनी सवालों से सीधे तौर पर प्रभावित हैं, क्योंकि महाराष्ट्र विधानसभा में उनके स्टैंड-अप कॉमेडी स्पेशल ‘नया भारत’ को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही चल रही है। कामरा ने कहा कि नागरिकों की आवाज़ को ‘दबाने’ के लिए विधायी विशेषाधिकार का इस्तेमाल लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट करता है।
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