कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफ़ारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीश—जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह—को सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त करने की सलाह दी। दोनों सुनीता अग्रवाल और देवेंद्र कुमार उपाध्याय का मूलालय इलाहाबाद हाईकोर्ट था।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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सुप्रीम कोर्ट में नए जजों की एंट्री की तैयारी: कॉलेजियम ने सुझाए तीन मुख्य न्यायाधीशों के नाम; कौन-कौन शामिल?
Mon, 28 Sep 2026 08:43 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 08:43 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। इनमें गुजरात की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं। खास बात यह है कि सुनीता अग्रवाल और देवेंद्र कुमार उपाध्याय दोनों का मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है।
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया है। 28 सितंबर 2026 को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की सिफारिश में गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल के बारे में क्या खास है?
जस्टिस सुनीता अग्रवाल इस समय गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। उनका मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है। उसी बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़े एक अन्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय का नाम भी सुझाया गया है।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की सिफारिश क्यों चर्चा में?
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल हाईकोर्ट भी इलाहाबाद हाईकोर्ट है। जस्टिस सुनीता अग्रवाल के साथ उनका नाम एक ही कॉलेजियम बैठक में सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया गया है।
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जस्टिस अपरेश कुमार सिंह कौन हैं?
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह फिलहाल तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। उनका मूल हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट है। वह जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ कॉलेजियम की इस ताजा सिफारिश में शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: 'क्या पहले एजेंडा और कार्यवाही नहीं होती थी': चुनाव आयोग से एसवाई कुरैशी ने पूछे कड़े सवाल; ऐसा क्यों कहा?
क्या कॉलेजियम की सिफारिश के साथ ही नियुक्ति हो गई?
कॉलेजियम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में जज की नियुक्ति की प्रक्रिया का अहम चरण है, लेकिन इसे अंतिम नियुक्ति नहीं माना जाता। 28 सितंबर की कॉलेजियम सिफारिश में तीनों मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की अनुशंसा की गई है। अब इन नामों पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया होगी।
संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी होगी। अगर इन सिफारिशों के आधार पर नियुक्ति होती है, तो औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी और इसके बाद संबंधित न्यायाधीश निर्धारित शपथ लेकर पद संभालेंगे। कॉलेजियम के बयान में नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने या तीनों के पद संभालने की कोई तारीख नहीं बताई गई है।
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जस्टिस सुनीता अग्रवाल के बारे में क्या खास है?
जस्टिस सुनीता अग्रवाल इस समय गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। उनका मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है। उसी बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़े एक अन्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय का नाम भी सुझाया गया है।
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जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की सिफारिश क्यों चर्चा में?
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल हाईकोर्ट भी इलाहाबाद हाईकोर्ट है। जस्टिस सुनीता अग्रवाल के साथ उनका नाम एक ही कॉलेजियम बैठक में सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया गया है।
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जस्टिस अपरेश कुमार सिंह कौन हैं?
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह फिलहाल तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। उनका मूल हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट है। वह जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ कॉलेजियम की इस ताजा सिफारिश में शामिल हैं।
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क्या कॉलेजियम की सिफारिश के साथ ही नियुक्ति हो गई?
कॉलेजियम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में जज की नियुक्ति की प्रक्रिया का अहम चरण है, लेकिन इसे अंतिम नियुक्ति नहीं माना जाता। 28 सितंबर की कॉलेजियम सिफारिश में तीनों मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की अनुशंसा की गई है। अब इन नामों पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया होगी।
संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी होगी। अगर इन सिफारिशों के आधार पर नियुक्ति होती है, तो औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी और इसके बाद संबंधित न्यायाधीश निर्धारित शपथ लेकर पद संभालेंगे। कॉलेजियम के बयान में नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने या तीनों के पद संभालने की कोई तारीख नहीं बताई गई है।
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