बिहार सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ 2 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया
दुबे ने दिल्ली हाई कोर्ट में गर्ग को दो करोड़ रुपये की मानहानि का आरोप लगाते हुए केस दाखिल किया, जबकि यह विवाद दोनों के बीच कई महीनों से चल रहा है। दुबे ने गर्ग को कानूनी नोटिस के जरिए माफी और बयानों की वापसी की माँग की, पर गर्ग ने नोटिस को निराधार कहा।

सौजन्य से:- Jagran
भाजपा सांसद और पूर्व वित्त सचिव का विवाद अदालत पहुंचा, दिल्ली हाई कोर्ट में होगा फैसला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दो करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया।
HighLights
- निशिकांत दुबे ने दिल्ली हाई कोर्ट में सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ दो करोड़ की मानहानि का मुकदमा किया
- दोनों के बीच लंबे समय से जारी है विवाद, पटियाला हाउस कोर्ट में भी गर्ग के खिलाफ मुकदमा
एएनआई, नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दो करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पटियाला हाउस कोर्ट में वह गर्ग के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब अदालतें इस मामले को देखेंगी और इससे एक सांसद के तौर पर मेरे 18 साल के कार्यकाल का भी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
गौरतलब है कि दुबे और गर्ग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दुबे ने पिछले हफ्ते गर्ग को एक कानूनी नोटिस भेजकर बिना शर्त माफी मांगने और उनके खिलाफ दिए गए बयानों को वापस लेने और उन पर लगाए गए आरोपों को हटाने की मांग की थी। इसके लिए गर्ग को सात दिनों की मोहलत दी गई थी।
गर्ग ने इस नोटिस के जवाब में दुबे की मांगों को खारिज करते हुए कहा था कि नोटिस बिना मतलब भेजा गया है। इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में पूर्व वित्त सचिव ने अपना पक्ष स्पष्ट किया और कहा कि नोटिस में जिन बयानों का जिक्र है, वे घटनाओं के बारे में उनकी समझ और याददाश्त पर आधारित थे।
गर्ग ने भारत की जीडीपी विकास दर पर लिखे अपने एक विचार लेख का भी जिक्र किया और कहा कि बाद में दुबे ने एक्स पर उनकी आलोचना की और तीन मार्च, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा अपना एक पत्र साझा किया।
बाद में, एक पॉडकास्ट के दौरान दुबे के साथ अपनी कथित बातचीत के बारे में गर्ग के बताने के बाद यह विवाद और बढ़ गया। दुबे ने गर्ग की बात को गलत बताया है और आरोपों से इनकार किया है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निलंबन व विशेष पुनरावलोकन को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करेगा

सिर ट्राइब्यूनल जज ने खराब सड़कों और 4‑घंटे की यात्रा के कारण इस्तीफा दिया

कांग्रेस ने खनिज अधिनियम विरोधी 12‑दिन का प्रखंड‑स्तर धरना‑प्रदर्शन तय किया

अर्बिट्रल ट्रिब्यूनल को सेक्शन 9 आदेश पर अपील का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर दवा की कीमत को नरसंहार कहा, ₹2,700 की दवा पर ₹27,000 का MRP क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने अनपेड ट्रैफ़िक जुर्माने को बिजली बिल से जोड़ने का प्रस्ताव रखा

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: ₹2,700 की कैंसर दवा का MRP ₹27,000 क्यों?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेड बुल के 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल पर एफएसएसएआई के प्रतिबंध को स्थगित किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने मांगी 18 वर्ष से कम के लिए सोशल मीडिया पर नियम
- सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल रैगिंग‑रोधक केंद्रीय कानून की याचिका पर सुनवाई से इनकार, पक्षकार को उत्तरदायी बनाने का निर्देश
- 15 अक्टूबर से UPI पर शुल्क, सुप्रीम कोर्ट के 4‑सप्ताह के जवाब से क्या बदलेगा?
- सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक ई‑चालानों की वसूली के लिये बिजली बिल में जोड़ने व कनेक्शन काटने का प्रस्ताव रखा
- सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना, प्रिवेंटिव डिटेंशन आदेश को चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट ने फोर्टिस हेल्थकेयर पर फॉरेंसिक ऑडिट को मंजूरी दी
- सुप्रीम कोर्ट कोलेगियम ने तीन हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय के जज बनाने की सिफ़ारिश की
- अपर सत्र जज रवि कुमार दिवाकर: पांच महीनों में 23वीं मौत की सज़ा

