अरुणाचल प्रदेश कॉन्ट्रैक्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने CBI को नई प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया
अरुणाचल प्रदेश कॉन्ट्रैक्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने CBI को नई प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट उन कंपनियों को जारी किए गए, जो मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार की हैं या उनसे…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अरुणाचल प्रदेश कॉन्ट्रैक्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने CBI को नई प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया
आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट उन कंपनियों को जारी किए गए, जो मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार की हैं या उनसे जुड़ी हैं.
By Sumit Saxena
Published : August 24, 2026 at 8:27 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को CBI को अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट जारी करने में गड़बड़ी के आरोपों की शुरुआती जांच पर एक नई प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट उन कंपनियों को जारी किए गए, जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के स्वामित्व वाली हैं या उनसे जुड़ी हैं.
यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया.
राज्य सरकार ने पीठ को सूचित किया कि उसने सीबीआई को जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन किया है. पीठ ने सीबीआई से यह पुष्टि करने को कहा कि क्या उन्हें रिकॉर्ड और दस्तावेज मिल गए हैं.
अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 3 अगस्त के आदेश के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) कोर्ट में मौजूद थे.
मेहता ने कहा, "हमें अदालत को यह संतुष्टि दिलाने में सक्षम होंगे कि निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया है. मुझे (राज्य को) तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने के लिए एक हफ्ते का समय चाहिए."
उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने सभी डॉक्यूमेंट्स जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं. पीठ ने कहा कि वह राज्य को अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने के लिए दो हफ्ते का समय देगी.
CBI ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई एक प्रगति रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार अदालत के निर्देश के अनुसार रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही है.
याचिकाकर्ता NGOs की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने सवाल किया कि क्या शरुआती जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी द्वारा अब तक एकत्र और जांच की गई सामग्री नियमित मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त है. पीठ ने कहा कि इस मुद्दे की जांच सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए.
भूषण ने पीठ से आग्रह किया कि वह CBI को अगली सुनवाई तक नई प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे.
पीठ ने कहा, "CBI नई प्रगति रिपोर्ट भी जमा करेगी."
पीठ ने इस मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई करने पर सहमति जताई और मेहता से कहा कि अगर जरूरी हो तो निर्देश लें और जवाबी हलफनामा दाखिल करें.
अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को राज्य में कॉन्ट्रैक्ट के पक्षपातपूर्ण आवंटन (preferential allotment) के आरोपों पर दो हफ्ते के भीतर शुरुआती जांच करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने यह आदेश दो गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) 'सेव मोन रीजन फेडरेशन' (Save Mon Region Federation) और 'वॉलंटरी अरुणाचल सेना' की याचिका पर दिया था, जिसमें इस मामले की CBI या SIT से जांच का निर्देश देने की मांग की गई थी.
यह भी पढ़ें- BJP सांसद की बढ़ेंगी मुश्किलें! सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव याचिका खारिज करने वाला हाई कोर्ट का फैसला पलटा
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
ताज़ा ख़बरें
- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू

