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बृजभूषण केस: जंतर-मंतर पर आंदोलन से अदालत के फैसले तक

महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। दिल्ली पुलिस ने 1,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। राउज एवेन्यू कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोनों आरोपितों को बरी कर दिया।

4 अगस्त 2026 को 01:15 am बजे
बृजभूषण केस: जंतर-मंतर पर आंदोलन से अदालत के फैसले तक

सौजन्य से:- Jagran

जंतर-मंतर पर विनेश-साक्षी के आंदोलन से अदालत के फैसले तक, बृजभूषण केस की पूरी टाइमलाइन

पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने 2023 में ...और पढ़ें

HighLights

- बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर यौन उत्पीड़न मामले में बरी।

- राउज एवेन्यू कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में फैसला सुनाया।

- पहलवानों ने जंतर-मंतर पर किया था लंबा आंदोलन।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ वर्ष 2023 में ओलिंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठने के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी।

दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में करीब 1500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर आइपीसी की धारा 354, 354ए, 354डी और 506 के तहत मुकदमा चलाया था। मामले की सुनवाई बंद अदालत कक्ष में हुई और अभियोजन पक्ष ने कुल 32 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

इनमें शिकायतकर्ता पहलवानों के अलावा जांच अधिकारी, अन्य सरकारी गवाह और मामले की जांच से जुड़े अधिकारी शामिल थे। सुनवाई के दौरान एक शिकायतकर्ता से जुड़े आरोपों में अदालत ने पहले ही आरोप तय करने से इनकार दिया था, जबकि दो शिकायतकर्ता बाद में पहले के बयानों से मुकर गई थीं।

इसके बाद शेष शिकायतों पर मुकदमा चलता रहा। अंतिम बहस इसी साल दो जुलाई को पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला बाद की तारीख के लिए टाल दिया था।

जंतर-मंतर के आंदोलन से अदालत के फैसले तक

- 18 जनवरी 2023: महिला पहलवानों ने पहली बार बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।

- 28 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद दिल्ली पुलिस ने छह महिला पहलवानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला भी दर्ज हुआ।

- मई 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर 36 दिन तक आंदोलन किया।

- 28 मई 2023: नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया को हिरासत में लिया और प्रदर्शन स्थल से टेंट हटा दिए।

- 30 मई 2023: पहलवान अपने पदक गंगा नदी में बहाने हरिद्वार पहुंचे, लेकिन किसान नेताओं के समझाने पर वापस लौट आए।

- 15 जून 2023: दिल्ली पुलिस ने 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसी दिन पॉक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट भी पेश की।

- मई 2024: अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला की लज्जा भंग करने समेत अन्य आरोप तय किए। एक शिकायतकर्ता के मामले में आरोप तय नहीं हुए।

- 3 अगस्त 2026: राउज एवेन्यू कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोनों आरोपितों को बरी कर दिया।

इन अपराधों के लिए चला मुकदमा

- धारा 354: किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना।

- धारा 354ए: यौन उत्पीड़न।

- धारा 354डी: किसी महिला का बार-बार पीछा करना, उसकी इच्छा के विरुद्ध लगातार संपर्क करने की कोशिश करना या ऑनलाइन निगरानी करना।

- धारा 506: आपराधिक धमकी। किसी व्यक्ति को जान-माल, प्रतिष्ठा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर डराने का अपराध।

यह भी पढ़ें- राजनीतिक अखाड़े में पुराना वर्चस्व कायम करने उतरेंगे बृजभूषण शरण सिंह, 2027 के यूपी चुनाव पर टिकी नजरें

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