नीट यूजी पेपर लीक मामला: 20 हजार पन्नों की चार्जशीट पर अब नई अदालत में सुनवाई
CBI ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 जब्त वस्तुओं का उल्लेख किया गया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में अब सुनवाई होगी।

सौजन्य से:- Jagran
NEET पेपर लीक में NTA पैनल की टीचर का बड़ा रोल, अब नई कोर्ट में 20000 पन्नों की चार्जशीट पेश करेगी CBI
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर अब विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में सुनवाई होगी। पूर्व न्यायाधीश के तबादले के ...और पढ़ें
HighLights
- नीट-यूजी पेपर लीक मामले की सुनवाई नई अदालत में
- विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में होगी सुनवाई
- सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI द्वारा दाखिल किए गए आरोपपत्र पर अब मंगलवार को नई अदालत में सुनवाई होगी।
राउज एवेन्यू कोर्ट में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश रही अनु ग्रोवर बलीगा ने अपने तबादले के बाद मामला उत्तराधिकारी अदालत को सौंप दिया गया है।
सोमवार को अदालत ने निर्देश दिया कि पूरा रिकॉर्ड विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता के समक्ष मंगलवार को प्रस्तुत किया जाए।
चार्जशीट के दस्तावेजों का होगा सत्यापन
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक और लोक अभियोजक अर्जुन आनंद उपस्थित हुए। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि चार्जशीट में जिन दस्तावेजों, गवाहों के बयान और अन्य अभिलेखों का उल्लेख किया गया है।
वे सभी मूल रिकॉर्ड के साथ अदालत में प्रस्तुत कर दिए गए हैं। अदालत ने अहलमद को रिकॉर्ड का सत्यापन करने का निर्देश दिया तथा जांच अधिकारी को इस प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा।
जमानत याचिकाओं पर भी मंगलवार को होगी सुनवाई
इसी मामले में आरोपित दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाएं भी सोमवार को सूचीबद्ध थीं, लेकिन उनकी ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ।
अदालत ने इन दोनों जमानत याचिकाओं को भी विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत के समक्ष चार अगस्त को सुनवाई के लिए भेज दिया।
20 हजार पन्नों की चार्जशीट में 360 गवाहों का उल्लेख
CBI ने बीते सप्ताह इस मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। आरोपपत्र में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 जब्त वस्तुओं का उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद से जुड़े विशेषज्ञों व बिचौलियों के नेटवर्क के माध्यम से परीक्षा से पहले प्रश्न अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए।
हालांकि, चार्जशीट में किसी भी एनटीए अधिकारी को आरोपित नहीं बनाया गया है और एजेंसी ने कहा है कि कुछ पहलुओं की जांच अभी भी जारी है।
विशेषज्ञ पैनल की शिक्षिका पर प्रश्न लीक करने का आरोप
CBI के अनुसार, इस मामले की मुख्य आरोपितों में पुणे की वनस्पति विज्ञान की शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे भी शामिल हैं, जो एनटीए की विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा थीं।
एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने जीवविज्ञान के प्रश्न परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए और इसके बदले आर्थिक लाभ लिया।
यह भी पढ़ें- PM को अपशब्द कहने वाली लड़की पर कार्रवाई नहीं करेगी दिल्ली पुलिस, FIR रद करने का लिया फैसला
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