होमअपराधमहाराष्ट्र में अवैध मतांतरण पर अब कठोर प्रतिबंध, 7 साल तक की जेल की संभावना
अपराध

महाराष्ट्र में अवैध मतांतरण पर अब कठोर प्रतिबंध, 7 साल तक की जेल की संभावना

महाराष्ट्र में अवैध मतांतरण के खिलाफ कानून लागू हो गया है, जिसमें जबरन, धोखाधड़ी, प्रलोभन या शादी के जरिये होने वाले अवैध मतांतरण के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। दोषी पाए जाने पर पहली बार अपराध करने वालों को 7 साल तक की जेल की संभावना है।

3 अगस्त 2026 को 06:16 pm बजे
महाराष्ट्र में अवैध मतांतरण पर अब कठोर प्रतिबंध, 7 साल तक की जेल की संभावना

सौजन्य से:- Jagran

महाराष्ट्र में अवैध मतांतरण रोकने वाला कानून लागू, दोषी पाए जाने पर सात साल की जेल

महाराष्ट्र में जबरन, धोखाधड़ी या प्रलोभन से होने वाले अवैध मतांतरण के खिलाफ कानून लागू हो गया है, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 30 जुलाई को अधिसूचि ...और पढ़ें

HighLights

- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद महाराष्ट्र में धर्मांतरण-रोधी कानून लागू।

- जबरन मतांतरण पर पहली बार में सात साल तक की जेल।

- मतांतरण से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना अनिवार्य।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में जबरन, धोखाधड़ी, प्रलोभन या शादी के जरिये होने वाले अवैध मतांतरण के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने और सरकारी गजट में प्रकाशित होने के बाद महाराष्ट्र का धर्मांतरण-रोधी कानून लागू हो गया है।

मार्च में बजट सत्र के दौरान राज्य विधानसभा के दोनों सदनों से पारित 'महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता विधेयक, 2026' को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 30 जुलाई को राज्य के राजपत्र (गजट) में अधिसूचित किया गया।

इस नए कानून के साथ, महाराष्ट्र अवैध मतांतरण विरोधी कानून बनाने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में अवैध मतांतरण रोकने का कानून है।

नए कानून के तहत मतांतरण करने वाले को मतांतरण से कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना होगा। मतांतरण के बाद की तय प्रक्रियाओं का भी पालन करना होगा। जबरन, दबाव, धोखाधड़ी, प्रलोभन, गलत जानकारी या शादी के नाम पर धोखे से किए गए मतांतरण को दंडनीय अपराध है।

पहली बार अपराध करने वाले को सात साल तक की जेल हो सकती है। बार-बार अपराध करने पर सज़ा 10 साल तक बढ़ सकती है। इस कानून के तहत पीड़ित के माता-पिता, भाई-बहनों और अन्य करीबी रिश्तेदार शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: लिव-इन रिलेशनशिप में भी घरेलू क्रूरता का अपराध होगा
अपराध

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: लिव-इन रिलेशनशिप में भी घरेलू क्रूरता का अपराध होगा

न्यायालय ने कानूनी अश्लीलता की परिभाषा पर स्पष्ट किया
अपराध

न्यायालय ने कानूनी अश्लीलता की परिभाषा पर स्पष्ट किया

राम मंदिर दान घोटालाः सुप्रीम कोर्ट का सख्त बयान, राजनीति नहीं करने की अपील!
अपराध

राम मंदिर दान घोटालाः सुप्रीम कोर्ट का सख्त बयान, राजनीति नहीं करने की अपील!

सुप्रीम कोर्ट में अब 38 जज, 28 साल में इतनी ही बढ़ गई संख्या
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में अब 38 जज, 28 साल में इतनी ही बढ़ गई संख्या

कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक-2026 को संसदीय समिति की मंजूरी, छोटे कारोबारों को मिलेगी बड़ी राहत
अपराध

कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक-2026 को संसदीय समिति की मंजूरी, छोटे कारोबारों को मिलेगी बड़ी राहत

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के सामान्य न्यायिक आदेश: 27 जुलाई - 2 अगस्त, 2026
अपराध

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के सामान्य न्यायिक आदेश: 27 जुलाई - 2 अगस्त, 2026

भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाइयों के बाद भी क्लीन चिट के पक्ष में फैसला स्थिर
अपराध

भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाइयों के बाद भी क्लीन चिट के पक्ष में फैसला स्थिर

सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयार है लोकसभा, जानें कैसे बढ़ेगी अदालत की क्षमता
अपराध

सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयार है लोकसभा, जानें कैसे बढ़ेगी अदालत की क्षमता

ताज़ा ख़बरें