होमवकीलसुप्रीम कोर्ट ने BCI के 5‑साल के प्रस्ताव पर रोक लगाई, मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल 2027 से आगे नहीं जा सकता
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सुप्रीम कोर्ट ने BCI के 5‑साल के प्रस्ताव पर रोक लगाई, मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल 2027 से आगे नहीं जा सकता

अदालत ने कहा कि चाहे BCI ने चेयरमैन को पाँच साल का कार्यकाल देने का प्रस्ताव पारित कर लिया हो, फिर भी उनका कार्यकाल 2027 से आगे नहीं बढ़ेगा। साथ ही, हाई कोर्टों को दो हफ्ते में राज्य बार काउंसिल में महिला सदस्यों का को‑ऑप्शन पूरा कर अधिसूचना जारी करने तथा नई परिषद के गठन के बाद BCI के प्रतिनिधियों के चुनाव करने का निर्देश दिया गया। नए चुनाव तक BCI की मौजूदा गवर्निंग बॉडी केवल प्रो‑टेम कार्य करेगी और कोई नीतिगत निर्णय नहीं लेगी।

3 सितंबर 2026 को 04:31 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने BCI के 5‑साल के प्रस्ताव पर रोक लगाई, मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल 2027 से आगे नहीं जा सकता

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि भले ही बीसीआई का कोई प्रस्ताव चेयरमैन को पांच साल का कार्यकाल दे दे, फिर भी प्रस्ताव की वैधता के बावजूद उनका कार्यकाल 2027 से आगे नहीं बढ़ सकता। कोर्ट ने कहा कि प्रस्ताव को मान भी लिया जाए, तब भी चेयरमैन का कार्यकाल प्रथम दृष्टया 2027 से आगे नहीं जा सकता।

BCI पर करोड़ों रुपये खर्च करने के आरोप

याचिकाकर्ताओं ने BCI के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सम्मान समारोहों और सेमिनार आयोजित करने पर करोड़ों रुपये खर्च करने और राज्यों में लॉ कॉलेज खोलने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के ट्रस्ट फंड के कथित दुरुपयोग किया गया। याचिकाकर्ताओं ने परिषद के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।बेंच ने कहा कि राज्य बार काउंसिल के चुनाव पूरे हो चुके हैं और संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया कि वे नए चुने गए सदस्यों के साथ सलाह-मशविरा करके दो हफ्ते के भीतर महिला सदस्यों को को-ऑप्ट (सह-चयनित) करने की प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद एक हफ्ते के भीतर को-ऑप्ट की गई महिला सदस्यों सहित राज्य बार काउंसिल के पूरे गठन की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

राज्य बार काउंसिल के गठन पर भी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य बार काउंसिल के चुनाव पूरे हो चुके हैं। कोर्ट ने संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को नवनिर्वाचित सदस्यों से परामर्श कर दो सप्ताह के भीतर महिला सदस्यों का को-ऑप्शन पूरा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि इसके बाद एक सप्ताह के भीतर राज्य बार काउंसिल की पूरी संरचना अधिसूचित की जाए। नई गठित राज्य बार काउंसिल इसके एक सप्ताह बाद BCI के लिए अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी। इसके बाद BCI के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का नया चुनाव कराया जाएगा।

तब तक BCI नहीं ले सकेगा नीतिगत फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि नए चुनाव होने तक BCI की मौजूदा गवर्निंग बॉडी प्रो-टेम व्यवस्था के तौर पर काम करेगी और कोई नीतिगत फैसला नहीं लेगी। कोर्ट के सुझाव पर BCI ने अपने बैठकों में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को आमंत्रित करने पर भी सहमति जताई।मनन कुमार मिश्रा 9 नवंबर 2014 से BCI के चेयरमैन हैं। उनके कार्यकाल को लेकर अप्रैल 2025 में BCI की ओर से पांच साल की अवधि से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसकी वैधानिकता को मौजूदा याचिकाओं में चुनौती दी गई है।

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