अम्रोहा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 10,000 से अधिक लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण
दिस्ट्रिक्ट विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने 12 सितंबर को अम्रोहा जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य 10,000 से अधिक प्री‑लिटिगेशन और लंबित विवादों का आपसी सहमति से निस्तारण करना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक ने न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और आमजन से आग्रह किया कि वे इस लोक अदालत में भाग लें, ताकि त्वरित, सस्ता और सरल न्याय सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही कानूनी जागरूकता शिविर भी रखे जाएँगे, जिससे लोगों को उनके अधिकारों और निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी मिले।

सौजन्य से:- Hindustan
Amroha News: 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 10 हजार से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य
Amroha News: फॉर लाइव: 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 10 हजार से अधिक मामलों के
Amroha News: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में 10 हजार से अधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कराने की तैयारी है। जिला न्यायालय परिसर में आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आमजन से लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत त्वरित, सस्ता और सरल न्याय पाने का प्रभावी माध्यम है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान कराया जाता है।
इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है और समय व धन, दोनों की बचत होती है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने में भी लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला जज विवेक ने बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, राजस्व समेत विभिन्न मामलों से जुड़े पक्षकारों से 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करना चाहते हैं, वे इस अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत के लिए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक मामलों को चिह्नित कर संबंधित पक्षकारों को निस्तारण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लोक अदालत के दौरान विधिक जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे। इनमें लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता योजनाओं और निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। डीएलएसए का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आर्थिक परेशानी के कारण न्याय से वंचित न रहे। आमजन से अपील की गई है कि वे अपने लंबित विवादों के शांतिपूर्ण और सहमति आधारित समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।
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