राष्ट्रीय लोक अदालत में 85 एमएसीटी मामलों का त्वरित निपटारा, समझौता‑सुलह पर फोकस
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 12 सितंबर को निर्धारित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 85 मामलों को आपसी समझौते के जरिए निपटाने की तैयारी की है। अधिकारियों ने पक्षकारों और अधिवक्ताओं से शीघ्र सुलह की दिशा में सहयोग करने का आग्रह किया, जिससे लंबी मुकदमेबाजी से बचते हुए तेज़, मुफ्त न्याय मिल सके।

सौजन्य से:- Hindustan
राष्ट्रीय लोक अदालत में 85 एमएसीटी मामलों के निपटारे की तैयारी
हिन्दुस्तान संवाददाता ने बताया कि 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से जुड़े 85 मामलों का निपटारा किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने की रणनीति बनाई है। इसका उद्देश्य त्वरित और नि:शुल्क न्याय प्रदान करना है।
हिन्दुस्तान संवाददाता आगामी 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से जुड़े 85 मामलों के निपटारे की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन मामलों को आपसी समझौते और सुलह के आधार पर समाप्त कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल तेज कर दी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश कुमार तृतीय की अध्यक्षता में उनके वेश्म में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में चिन्हित मामलों के शीघ्र निष्पादन के साथ पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सरल और नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इसमें पक्षकारों की सहमति से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जाता है। इससे लोगों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है और समय एवं धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने कहा कि टअउळ के मामलों में पक्षकारों की सहमति से विवादों का समाधान कराने की पर्याप्त संभावनाएं रहती हैं। इसके लिए संबंधित अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है。
85 मामलों को किया गया चिन्हित
बैठक के दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन के लिए एमएसीटी से संबंधित कुल 85 मामलों को चिह्नित किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित पक्षों से संपर्क करने और आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में समझौते के आधार पर निपटाया जाए, ताकि पक्षकारों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक मुकदमेबाजी नहीं करनी पड़े。
अधिवक्ताओं के समन्वय पर जोर
बैठक में विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर और सचिव सुधीर कुमार झा शामिल हुए। वहीं एमएसीटी मामलों से संबंधित अधिवक्ता शिलभद्र कुमार सिंह, पीयूष परिजात, राजेश कुमार सिंह एवं शक्ति कुमारी सारिका उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से कहा कि वे संबंधित पक्षकारों से संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाप्त करने के फायदे बताएं। खासकर ऐसे मामलों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि चिह्नित मामलों के पक्षकारों को सुलह के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए अधिवक्ताओं, संबंधित पक्षकारों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई। उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिकाधिक टअउळ मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का आश्वासन दिया।
लंबी मुकदमेबाजी से मिलेगी राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य सुलह योग्य मामलों का पक्षकारों की सहमति से त्वरित समाधान करना है। टअउळ मामलों में समझौता होने से दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिजनों को मुआवजा संबंधी विवाद के समाधान के लिए लंबे समय तक अदालत की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चिह्नित 85 मामलों के निपटारे की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
ताज़ा ख़बरें
- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू

