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राजस्थान में बड़े फैसले: खेजड़ी समेत 29 पेड़ों की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून, शादी का रजिस्ट्रेशन 60 दिन में अनिवार्य

राजस्थान कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं। खेजड़ी समेत 29 पेड़ों के संरक्षण के लिए कड़ा कानून बनाया जा रहा है। इसके अलावा, शादी और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए नया कोड आया है, जिसमें सभी शादियों का 60 दिनों के रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।

13 अगस्त 2026 को 01:58 pm बजे
राजस्थान में बड़े फैसले: खेजड़ी समेत 29 पेड़ों की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून, शादी का रजिस्ट्रेशन 60 दिन में अनिवार्य

सौजन्य से:- Aaj Tak News

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राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण, आम जनता के कानूनी अधिकारों और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिन्हें आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा.

खेजड़ी समेत 29 पेड़ों के लिए बनेगा कड़ा कानून

पर्यावरण और जैव विविधता को बचाने के लिए राज्य सरकार द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 लेकर आ रही है. इस नए कानून के तहत राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, महुआ, कैर और चिरंजी समेत कुल 29 महत्वपूर्ण पेड़ प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा.

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ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में इन पेड़ों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. अब गैर-वन भूमि पर खड़े इन पेड़ों को बिना किसी अधिकृत अधिकारी की पूर्व अनुमति के नहीं काटा जा सकेगा.

अगर कोई व्यक्ति बिना इजाजत के या अवैध रूप से पेड़ काटता पाया जाता है, तो उसे एक साल की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसके अलावा, अगर इजाजत लेकर पेड़ काटा भी जाता है, तो उसकी एवज में उसी क्षेत्र में नए पौधे लगाने होंगे.

शादी, लिव-इन का 60 दिन में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने 'द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है. इस नए कानून का मकसद शादी, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को पूरी तरह पारदर्शी और एक समान बनाना है. हालांकि, इसके प्रावधान अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक अधिकारों वाले विशेष वर्गों पर लागू नहीं होंगे.

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नए नियमों के मुताबिक, कानून लागू होने के बाद होने वाली सभी शादियों का 60 दिनों के रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन न होने या उसमें देरी होने मात्र से शादी को अवैध नहीं माना जाएगा, लेकिन तय सीमा के बाद जुर्माना भरना पड़ सकता है.

इसी तरह लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत और उसके खत्म होने की भी लिखित सूचना या रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा, जिससे दोनों पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा की जा सके. इसके अलावा, उत्तराधिकार के मामलों में बेटा और बेटी दोनों को पूरी तरह से समान अधिकार दिए गए हैं.

बैठक में ग्रामीण इलाकों में साफ और नियमित पानी पहुंचाने के लिए नई संचालन नीति को मंजूरी दी गई है, ताकि हर घर नल से जल योजना को मजबूती मिल सके. साथ ही, 1971 के युद्ध के दौरान घायल हुए 35 सैनिकों के परिवारों को भी अनुकंपा नियुक्ति का हक देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. सरकारी कर्मचारियों के लिए भी पदोन्नति में अनुभव की छूट, दिव्यांगों को नोशनल बेनिफिट और अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में बहू को शामिल करने जैसे कई बड़े तोहफे दिए गए हैं.

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