30 साल बाद काम करेगी अमेरिका की गुप्त अदालत, ट्रंप प्रशासन ने पहली याचिका दायर की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक गुप्त अदालत में पहली बार याचिका दायर की है, जो विदेशी आतंकवादियों को अमेरिका से निर्वासित करने के लिए बनाई गई थी।

सौजन्य से:- Jagran
30 साल बाद एक्शन में अमेरिका की गुप्त अदालत, ट्रंप प्रशासन ने विदेशी आतंकी को खदेड़ने के लिए दायर की पहली याचिका
ट्रंप प्रशासन ने 30 साल पहले विदेशी आतंकियों को निर्वासित करने के लिए बनी एक गुप्त और निष्क्रिय अदालत में पहली बार याचिका दायर की है। ...और पढ़ें
HighLights
- ट्रंप प्रशासन ने निष्क्रिय विदेशी आतंकी निष्कासन अदालत में याचिका दायर की।
- 30 साल में पहली बार अदालत में कोई मामला पहुंचा।
- अदालत ने न्याय विभाग से मामले में अतिरिक्त जानकारी मांगी।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 30 वर्ष पहले अमेरिका से तथाकथित विदेशी आतंकियों को निर्वासित करने के सरकारी अनुरोधों पर विचार करने के लिए बनाई गई एक गुप्त और निष्क्रिय अदालत में पहली बार याचिका दायर की है।
बता दें कि विदेशी आतंकवादी निष्कासन न्यायालय की स्थापना 1996 में हुई थी, लेकिन इसमें पहली याचिका पिछले बुधवार को दायर की गई। न्याय विभाग ने एक ऐसे व्यक्ति को निष्कासित करने के लिए याचिका दायर की है, जिसका नाम अदालत की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक पृष्ठ के दस्तावेज में गुप्त रखा गया है।
सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?
पांच सदस्यों वाली अदालत की मुख्य न्यायाधीश जोन एरिक्सन ने याचिका के जवाब में लिखित रूप से कहा कि गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत के मन में सरकार की ओर से प्रतिवादी पर लगाए गए आरोपों और उस पर लगाई गईं खास धाराओं व उप-धाराओं के बीच संबंधों पर कई सवाल थे।
मिनेसोटा की फेडरल जज एरिक्सन ने लिखा, "जवाबों से अदालत को यकीन हो गया कि सरकार को इस मामले पर और सोच-विचार करने का मौका मिलने से फायदा हो सकता है। उन्होंने न्याय विभाग को बुधवार तक और जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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