बिहार पुलिस का बड़ा कदम: स्कूल और कॉलेजों में बताएगी महिला-बालिका अपराधों की सजा
बिहार पुलिस 21 जुलाई से 10 अगस्त तक 'ऑपरेशन विधि पालक युवक' अभियान चलाकर स्कूल-कॉलेजों में युवाओं को महिला-बालिका अपराधों के प्रति जागरूक करेगी। उन्हें बताया जाएगा कि महिला या बालिका अपराधों में कितनी सजा हो सकती है। इसके लिए हर जिले के डीएसपी को नोडल अफसर बनाया गया है।

सौजन्य से:- Hindustan
महिला-बालिका अपराधों में कितनी सजा? स्कूल-कॉलेजों में कानून का पाठ पढ़ाएगी बिहार पुलिस
बिहार पुलिस स्कूल-कॉलेजों में युवाओं को कानून का पाठ पढ़ाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि महिला या बालिका अपराधों में कितनी सजा हो सकती है।
Bihar Top News: बिहार में अध्ययनरत विद्यार्थियों (युवकों) को महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। इसे लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में 21 जुलाई से 10 अगस्त तक 'ऑपरेशन विधि पालक युवक' जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की है। अभियान के तहत पुलिस हर जिले के स्कूल, कोचिंग और हॉस्टल सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं पर छींटाकशी, अभद्र टिप्पणियां, छेड़छाड़, बलात्कार या उनका पीछा किए जाने जैसे अपराधों से संबंधित दंडात्मक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देगी।
हर जिले के डीएसपी (विशेष अपराध) नोडल अफसर
बिहार पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग (कमजोर वर्ग) ने स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के लिए हर जिले के डीएसपी (विशेष अपराध) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। नोडल पदाधिकारी प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल के भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित थानों को दी जाएगी। भ्रमण के दौरान पुलिस पदाधिकारी छात्रों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित करेंगे। पुलिस अधीक्षकों को इस जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। नोडल पदाधिकारी जिला और मुख्यालय के बीच समन्वय का कार्य करेंगे। उन्हें प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।
हत्या के मामलों से अधिक पॉक्सो एक्ट में मिल रही सजा
पुलिस के मुताबिक, पॉक्सो कांड के आरोपितों को हत्या के मामलों की तुलना में अधिक सजा मिल रही है। कई मामलों में पॉक्सो कांड के आरोपितों को 10 से 20 वर्ष तक की सजा मिली है। आम छात्रों को इससे संबंधित कानूनों की पर्याप्त जानकारी नहीं होती और वे भावनाओं में आकर गंभीर अपराध में संलिप्त हो जाते हैं। पुलिस का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से ऐसे मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
महिलाओं और बालिकाओं पर होने वाले अपराधों तथा उनसे जुड़े दंडात्मक प्रावधानों के प्रति लड़कों को जागरूक करने के लिए मंगलवार से अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हर जिले में पुलिस छात्रों (लड़कों) के स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल में जाकर उन्हें कानूनी प्रावधानों की जानकारी देगी। इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। - केएस अनुपम, एडीजी (विधि व्यवस्था), बिहार।
पॉक्सो एक्ट 2012
बलात्कार : 20 साल की सजा, जुर्माना व मृत्युदंड तक
यौन मामला : तीन से पांच साल तक की सजा व जुर्माना
गंभीर यौन मामला : पांच से सात वर्ष तक की सजा व जुर्माना
छेड़खानी (बिना स्पर्श किए): तीन वर्ष तक की सजा व जुर्माना
महिला अपराध : बीएनएस, 2023 के मुख्य प्रावधान
लज्जाभंग: एक से पांच साल की सजा व जुर्माना
लैंगिक उत्पीड़न : तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों
निर्वस्त्र करना: तीन से सात वर्ष तक की सजा व जुर्माना
पीछा करना : तीन वर्ष तक की सजा एवं जुर्माना, दोबारा करने पर पांच वर्ष तक की सजा व जुर्माना
लज्जा का अनादर : तीन वर्ष तक की सजा एवं जुर्माना
दहेज हत्या : सात वर्ष से आजीवन कारावास तक
महिला प्रताड़ना : तीन वर्ष तक की सजा एवं जुर्माना
तेजाब हमला : 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा एवं जुर्माना
नाबालिग का अपहरण: सात वर्ष तक की सजा एवं जुर्माना
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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