सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार रोकने के लिये अपराधियों में मौत का डर आवश्यक कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑NCR में नाबालिगों के खिलाफ हुई तीन गैंगरेप मामलों पर suo moto संज्ञान लेकर पुलिस को सख्त कार्रवाई करने और चार हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति पारदीवाला और विनोद चंद्रन ने कहा कि जब तक अपराधियों को मौत का डर नहीं होगा, ऐसे अपराध रुकेंगे नहीं, और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारियों को सख्त जवाबदेही बनानी होगी।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सुप्रीम कोर्ट बोला-अपराधियों में मौत का डर पैदा करना जरूरी:नहीं तो रेप जैसे अपराध रोकना मुश्किल; अदालत ने रेप की 3 घटनाओं पर खुद नोटिस लिया
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों से गैंगरेप की 3 घटनाओं पर कहा, “जब तक अपराधी के मन में मौत का डर नहीं होगा, तब तक ऐसे अपराध नहीं रुकेंगे।”
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि केवल चीजों को कागज पर लिखना पर्याप्त नहीं है, सख्त कार्रवाई करनी होगी। जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सख्त होने से हिचकिचाएं नहीं।
बेंच ने कहा कि कुछ लोग अनुच्छेद 21 यानी मानव अधिकार का हवाला देकर सवाल उठाएंगे, लेकिन पुलिस को अपना कर्तव्य निभाना होगा। इसके बाद दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 4 अगस्त से 21 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर में रेप की 3 घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया था। इस मामले में पहली सुनवाई 28 सितंबर को हुई थी।
दिल्ली-NCR में 48 दिनों में रेप की 3 घटनाएं
4 अगस्त: दिल्ली में 16 साल की नाबालिग से चलती बस में गैंगरेप। पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।
12 सितंबर: स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप-हत्या। अगले दिन खेत के पास खुले मैदान में शव मिला। चार आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं।
21 सितंबर: दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग अपने दोस्त के साथ बैठी थी। तीन युवकों ने फर्जी पुलिस वाले बनकर छात्रा से रेप किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
28 सितंबर: पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट बोला- जवाबदेही तय होनी चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि सार्वजनिक जगहों को खराब रोशनी, निगरानी की कमी और पेट्रोलिंग की कमी जैसी वजहों से ‘हाई रिस्क जोन’ नहीं बनने दिया जा सकता। सिर्फ संवेदना जताना समाधान नहीं है, बल्कि अपराध रोकने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आस्था कुंज पार्क की घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि LSR कॉलेज की छात्राओं ने पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए।
दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले
NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।
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दिल्ली में नाबालिग से रेप, सोशल मीडिया पर दोस्ती कर होटल में बुलाया, आरोपी फरार
दिल्ली के वजीराबाद इलाके की एक होटल में नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और पीड़ित दोनों वजीराबाद के रहने वाले हैं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर लड़की से दोस्ती की और मंगलवार को उसे होटल में बुलाया। पूरी खबर पढ़ें…
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