सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं किया, कांग्रेस उम्मीदवार को अंतरिम जमानत जारी
सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को चुनाव प्रचार हेतु कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा दी गई 20 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत में हस्तक्षेप नहीं किया। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को अपनी दलीलें पेश करने की अनुमति दी, यदि प्रधान अपनी मौजूदा आपराधिक केसों में बंधन बढ़ाने की मांग करे। हाई कोर्ट ने प्रधान को 21 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने का निर्देश भी दिया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार को राहत, सुप्रीम कोर्ट का HC के आदेश में दखल देने से इनकार
29 सितंबर को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी.
By Sumit Saxena
Published : October 7, 2026 at 8:33 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने मामले में सुनवाई की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बंगाल सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए.
पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को हाई कोर्ट के सामने अपनी दलीलें रखने की इजाजत दी, अगर प्रधान अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक केस में अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग करते हैं.
पीठ ने कहा कि हालांकि मिलन प्रधान के खिलाफ दर्ज मामलों की लिस्ट कुछ गंभीर अपराधों की ओर इशारा करती है, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश का उद्देश्य प्रधान को चुनाव लड़ने और वोटों की गिनती में हिस्सा लेने में मदद करना था.
30 सितंबर को, सुप्रीम कोर्ट 2007 में दर्ज छह आपराधिक मामलों में प्रधान को दी गई अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया था.
शीर्ष अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने उन्हें चुनाव प्रचार करने और वोटों की गिनती में हिस्सा लेने की इजाजत देने के सीमित उद्देश्य से 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी.
29 सितंबर को कलकत्ता हाई कोर्ट ने प्रधान को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार सकें. हाई कोर्ट ने प्रधान को निर्देश दिया है कि वह 21 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करेंगे.
प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े 19 साल पुराने आपराधिक मामले में बीते 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जब कांग्रेस ने उन्हें नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था. प्रधान पर हत्या और हत्या की कोशिश जैसे आरोपों और आर्म्स एक्ट के नियमों के उल्लंघन के लिए ये सभी आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे.
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव संपन्न हुआ. उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को आएंगे.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नंदीग्राम में करीब 80% मतदान हुआ. जबकि बंगाल की रेजीनगर सीट पर 78% से अधिक मतदान हुआ.
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खाली की थी. शुभेंदु ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था.
यह भी पढ़ें- नंदीग्राम: गेस्ट हाउस से निकलते ही कांग्रेस के दो नेता हिरासत में, करने जा रहे थे चुनाव प्रचार
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