बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राहुल गांधी को 'कानून से ऊपर' का आरोप लगाया
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि वह स्वयं को सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और प्रथम नागरिक मानते हैं और कानून के ऊपर हैं। उन्होंने कांग्रेस के कार्यालय से ऐसे प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की कि राहुल गांधी संविधान से भी बड़े हैं, और rule of law के महत्व पर ज़ोर दिया।

सौजन्य से:- ABP News
'राहुल गांधी को लगता है वह सुप्रीम कोर्ट हैं', BJP बोली- 'अगर आपके...'
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कांग्रेस पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय से एक सर्टिफिकेट जारी हो जाना चाहिए कि राहुल गांधी कानून से भी बड़े हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला किया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने नेता विपक्ष राहुल गांधी के कार्रवाई वाले बयान पर कहा कि लोकतंत्र में सर्वोपरि संस्थाएं होती हैं. संविधान में सर्वोपरि कानून का शासन होता है.
गुरु प्रकाश ने कहा, "राहुल गांधी जी को लगता है कि वही सुप्रीम कोर्ट हैं, वही चुनाव आयोग हैं, वही फर्स्ट सिटिजन हैं. ऐसे नहीं होता है. अगर आपके पास कोई ठोस आधार है, एविडेंस है, क्रॉस-एग्जामिन करिए, आप एविडेंस को प्रस्तुत करिए."
बीजेपी नेता ने कहा कि रूल ऑफ लॉ सर्वोपरि है. रूल ऑफ लॉ के माध्यम से दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन झूठ-मूठ का, कल से हम लोग देख रहे हैं, वही ये रीलबाजी का काम चल रहा है. राहुल गांधी के अच्छे-अच्छे रील कैसे कटें, अच्छे-अच्छे फोटो कैसे बनें, अच्छा-अच्छा सोशल मीडिया पर पोस्ट कैसे हो.
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'...लगता है वह कानून से ऊपर'
जंतर-मंतर पर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर गुरु प्रकाश ने कहा, "...उनका झूठ तो सामने आ गया ना, कह रहे थे चुनाव आयोग के कार्यालय जा रहे हैं, आपने अपॉइंटमेंट नहीं लिया, चुनाव आयोग ने स्पष्ट करके बता दिया कि शाम चार बजे तक कोई आग्रह नहीं आया था, कोई अर्जी नहीं आई थी. मूल मुद्दा यह है, राहुल गांधी को लगता है कि वह कानून के ऊपर हैं."
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के कार्यालय से एक सर्टिफिकेट जारी हो जाना चाहिए कि राहुल गांधी कानून से भी बड़े हैं, राहुल गांधी भारत के संविधान से भी बड़े हैं, राहुल गांधी देश के प्रथम नागरिक हैं, राष्ट्रपति भी नहीं हैं. मतलब विचित्र सी स्थिति है, अपने परिवार को बचाने के लिए, अपने अपराध, भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए, अपनी अकर्मण्यता को जस्टिफाई करने के लिए इस प्रकार की दुर्गति हो रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.
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