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रैंपुर बुशहार में सजा पाए आरोपी पर पुलिस ने की गिरफ्तारी

कोर्ट ने दो चेक बाउंस मामलों में प्रत्येक छह महीने की सजा सुनाई और 7.13 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया। इस निर्णय के बाद पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर लिया।

7 अक्टूबर 2026 को 07:04 pm बजे
रैंपुर बुशहार में सजा पाए आरोपी पर पुलिस ने की गिरफ्तारी

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Rampur Bushahar News: अदालत से सजा पाए आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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अदालत से सजा पाए आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

चेक बाउंस के दो मामलों में छह-छह माह की सजा, 7.13 लाख रुपये मुआवजा भी था देय

संवाद न्यूज़ एजेंसी

रोहड़ू।

पीओ सेल उपमंडल रोहड़ू की पुलिस टीम ने अदालत से जारी वारंट के तहत सजा पाए दोषी 52 वर्षीय सुशील जोगटा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोषी को छह अक्तूबर को गिरफ्तार किया। उसे बुधवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) रामपुर बुशहर की अदालत में पेश किया गया। आरोपी के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दो मामले चल रहे थे। केस नंबर 04/2019 में बामबीर सिंह बनाम मैसर्स तृषा फ्रूट कंपनी मामले में अदालत ने दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी और 2.46 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए थे। केस नंबर 310/2018 में पूरन खूंद बनाम मैसर्स तृषा फ्रूट कंपनी मामले में भी छह माह के साधारण कारावास और 4.67 लाख रुपये मुआवजे की सजा सुनाई गई थी। दोनों मामलों में दोषी पर कुल 7.13 लाख रुपये का मुआवजा देय था। अदालत के आदेशों की अनुपालना में एसीजेएम रामपुर बुशहर ने सात अक्तूबर को दोनों मामलों में वारंट ऑफ कमिटमेंट जारी करते हुए दोषी को सजा भुगतने के लिए मॉडल सेंट्रल जेल कंडा भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने दोषी को मॉडल सेंट्रल जेल कंडा में दाखिल करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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चेक बाउंस के दो मामलों में छह-छह माह की सजा, 7.13 लाख रुपये मुआवजा भी था देय

संवाद न्यूज़ एजेंसी

रोहड़ू।

पीओ सेल उपमंडल रोहड़ू की पुलिस टीम ने अदालत से जारी वारंट के तहत सजा पाए दोषी 52 वर्षीय सुशील जोगटा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोषी को छह अक्तूबर को गिरफ्तार किया। उसे बुधवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) रामपुर बुशहर की अदालत में पेश किया गया। आरोपी के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दो मामले चल रहे थे। केस नंबर 04/2019 में बामबीर सिंह बनाम मैसर्स तृषा फ्रूट कंपनी मामले में अदालत ने दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी और 2.46 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए थे। केस नंबर 310/2018 में पूरन खूंद बनाम मैसर्स तृषा फ्रूट कंपनी मामले में भी छह माह के साधारण कारावास और 4.67 लाख रुपये मुआवजे की सजा सुनाई गई थी। दोनों मामलों में दोषी पर कुल 7.13 लाख रुपये का मुआवजा देय था। अदालत के आदेशों की अनुपालना में एसीजेएम रामपुर बुशहर ने सात अक्तूबर को दोनों मामलों में वारंट ऑफ कमिटमेंट जारी करते हुए दोषी को सजा भुगतने के लिए मॉडल सेंट्रल जेल कंडा भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने दोषी को मॉडल सेंट्रल जेल कंडा में दाखिल करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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