होमवकीलइलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी: 'तारीख पर तारीख' नहीं हो सकता न्यायपालिका का आधार
वकील

इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी: 'तारीख पर तारीख' नहीं हो सकता न्यायपालिका का आधार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक 25 साल पुराने अपहरण के मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि न्याय को अनिश्चितकाल तक टाला नहीं जा सकता, और यह मामला अदालती औपचारिकता का हिस्सा बन गया था. अदालत ने दो आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी.

18 जुलाई 2026 को 06:13 am बजे
इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी: 'तारीख पर तारीख' नहीं हो सकता न्यायपालिका का आधार

सौजन्य से:- ndtv.in

एक शख्स पर 25 साल पहले युवती के अपहरण का आरोप लगा था. आज दोनों पति पत्नी हैं और उनके तीन बच्चे हैं. लेकिन किडनैपिंग का वह ढाई दशक पुराना केस अब भी चल रहा है. यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को पहुंचा तो अदालत ने हैरानी जताई और कहा कि 'तारीख पर तारीख' वाला जुमला अदालत के कामकाज की पहचान नहीं बन सकता. मामला यह था कि आरोपी और पीड़िता ने शादी कर ली थी और अब उनके तीन बच्चे हैं. सभी लोग खुशी से जीवनयापन कर रहे हैं. 'तारीख पर तारीख' दामिनी मूवी का मशहूर डायलॉग है, जो वकील के रोल में एक्टिंग कर रहे सनी देओल ने बोला था.

इस फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्री पीड़िता के रूप में दिखाई जाती हैं और उनका ही पक्ष रखते हुए सनी देओल ने यह डायलॉग बोला था. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बहराइच की ट्रायल कोर्ट में लगातार टलती सुनवाई को लेकर तंज कसा. अदालत ने कहा कि किसी मामले को दो दशक से ज्यादा तक लंबित रखना संविधान के उस मूल अधिकार का उल्लंघन है, जिसमें नागरिकों को कानून के सामने समान अवसर की गारंटी दी गई है. बेंच ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है. इसके साथ ही अदालत ने दो आरोपियों को अग्रिम जमानत भी दे दी.

इस मामले में 2001 में बहराइच के पयागपुर पुलिस थाने में केस दर्ज हुआ था. जस्टिस राजीव भारती ने इस मामले में आरोपियों अजय कुमार और रामचंद्र की बेल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत में सुनवाई के दौरान जस्टिस भारती को बताया गया कि केस में जिसे पीड़िता बताया गया है, वह खुद ही अजय कुमार के साथ गई थी. फिर दोनों ने शादी कर ली थी और अब दोनों पति और पत्नी के तौर पर खुश हैं. दोनों के तीन बच्चे भी हैं.

हाई कोर्ट बोला- अदालत में चल रही थी तारीख की औपचारिकता

इस पर उच्च न्यायालय ने कहा कि सालों तक इस मामले में सही से कार्रवाई नहीं हो सकी. उन्होंने कहा कि यह मामला तो ऐसा लग रहा है कि जैसे अदालत में तारीख देने की औपचारिकता ही चल रही थी. उन्होंने कहा कि न्याय के अनंतकाल तक के लिए टाला नहीं जा सकता. न्याय जनता का अधिकार है और वह समय रहते ही मिलना चाहिए. इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को आदेश दिया कि वे ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करें और फिर वहां से उन्हें अग्रिम जमानत पर ही रिहा किया जाएगा.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा
वकील

गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल
वकील

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया
वकील

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप
वकील

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार
वकील

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप
वकील

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
वकील

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना

ताज़ा ख़बरें