कोलेजियम की 25 हाई कोर्ट जज सिफ़ारिशें सरकारी मंज़ूरी की प्रतीक्षा में
सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने पाँच हाई कोर्टों में न्यायाधीशों के लिये 25 नाम सुझाए हैं, जो अभी तक केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत नहीं हुए हैं। सबसे पुरानी पेंडिंग फ़ाइल वकील सौरभ कृपाल की है, जिसका प्रस्ताव अक्टूबर 2017 से लंबित है। बाकी नाम मुख्यतः दिल्ली, कलकत्ता, मद्रास, पंजाब‑हरियाणा और गुजरात हाई कोर्टों से संबंधित हैं।

सौजन्य से:- Jagran
हाई कोर्ट्स में जजों की नियुक्ति पर फैसला बाकी, कोलेजियम की 25 सिफारिशें सरकार के पास लंबित
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम द्वारा पांच हाई कोर्टों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अनुशंसित 25 नाम सरकार के पास लंबित ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की 25 सिफारिशें सरकार के पास लंबित।
- वकील सौरभ कृपाल का नाम अक्टूबर 2017 से लंबित है।
- अधिकांश लंबित नाम दिल्ली, कलकत्ता, मद्रास हाई कोर्टों से।
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने पांच हाई कोर्टों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 25 नामों की सिफारिश की है, जो अभी भी सरकार के पास लंबित हैं।
इनमें सबसे पुराना मामला वकील सौरभ कृपाल का है, जिनके नाम पर अक्टूबर 2017 से अंतिम निर्णय का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, हाई कोर्टों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार के पास लंबित सिफारिशों की संख्या हाल के वर्षों की तुलना में कम हो गई है।
इन 25 नामों में अधिकांश दिल्ली, कलकत्ता, मद्रास, पंजाब एवं हरियाणा और गुजरात हाई कोर्टों से जुड़े हैं। पूर्व प्रधान न्यायाधीश बीएन कृपाल के पुत्र एवं अधिवक्ता सौरभ कृपाल का नाम दिल्ली हाई कोर्ट कोलेजियम ने अक्टूबर 2017 में हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम को भेजा था।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने उनके नाम पर विचार-विमर्श को तीन बार टाल दिया था।
आखिरकार, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाले कोलेजियम ने नवंबर 2021 में कृपाल के पक्ष में फैसला किया। इसके बाद अगले साल नवंबर में सरकार ने उनकी फाइल को पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम को वापस भेज दिया। कोलेजियम द्वारा अपनी सिफारिश दोहराए जाने के बाद से यह फाइल अभी भी लंबित है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास अन्य लंबित नामों में से अधिकांश अपेक्षाकृत नए हैं। सौरभ कृपाल के अलावा केवल दो अन्य नाम ही ऐसे हैं, जो काफी समय से लंबित हैं। हाई कोर्टों के कोलेजियम न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने की अपनी सिफारिशें केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग को भेजते हैं।
विभाग सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम को भेजने से पहले संबंधित उम्मीदवार के बारे में खुफिया ब्यूरो (आईबी) की रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी जानकारियां इसमें जोड़ता है। कालेजियम अपने विवेक के अनुसार न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए नाम की सिफारिश करता है या फिर फाइल को हाई कोर्ट कोलेजियम को वापस भेज देता है।
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