पॉक्सो अधिनियम पर स्कूल में बच्चों को कानूनी सुरक्षा का ज्ञान
सोमवार को चौधरी विशंभर सिंह भारतीय विद्यालय में आयोजित विधिक जागरूकता सत्र में छात्रों को पॉक्सो कानून के मुख्य प्रावधान और उसका महत्व समझाया गया। उन्हें असुरक्षित व्यवहार पहचानने, तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करने और विद्यालय में शिकायत पेटिका स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाने हेतु कानूनी उपायों से परिचित कराना था।

सौजन्य से:- Hindustan
पॉक्सो कानून की जानकारी देकर बच्चों को किया जागरूक
सोमवार को चौधरी विशंभर सिंह भारतीय विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताकर शोषण और असुरक्षित परिस्थितियों से बचने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें उचित ढंग से समस्या की रिपोर्ट करने के लिए भी कहा गया।
बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए सोमवार को चौधरी विशंभर सिंह भारतीय विद्यालय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और कानूनी परिणामों की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अपर जिला जज तृतीय महेश कुमार ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में बच्चा है। बच्चों को शोषण, अनुचित स्पर्श और असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी सहमति का कानूनी महत्व नहीं होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान करते हुए किसी भी गलत गतिविधि का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। बताया कि समस्या या खतरे की स्थिति में बच्चे चुप न रहें। तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस अथवा विधिक सेवा संस्थाओं को इसकी जानकारी दें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन रोमा गुप्ता ने विद्यालय प्रशासन को कक्षाओं में पेंटिंग और पोस्टर के माध्यम से बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की समस्याओं के निस्तारण के लिए विद्यालय में शिकायत पेटिका लगाने को भी कहा। कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य अतुल शुक्ला, शिक्षक तरुण बाजपेयी, देवेंद्र चतुर्वेदी, ज्योति शुक्ला, प्राधिकरण के कार्यालय प्रभारी दिलीप कुमार, ऋषभ पोरवाल और पराविधिक स्वयंसेवक लालता प्रसाद, बृजेश व मांडवी मौजूद रहे। कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मयंक चौहान के आदेश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आयोजित हुआ।
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