मधु कोड़ा ने एमएमडीआर संशोधन को राजनीतिक मुद्दा बना कर सरकार पर आरोप, खदानों के शीघ्र संचालन की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने राज्य सरकार पर एमएमडीआर संशोधन को लेकर जनता में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि इस सुधार का उद्देश्य खनिजों का वैज्ञानिक व पर्यावरण‑अनुकूल उपयोग है। उन्होंने बंद पड़ी खदानों को जल्द चालू करने, नीलामी हुई किन्तु न चलने वाली 34 खानों को सक्रिय करने और अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई की अपील की, साथ ही उच्च रॉयल्टी एवं उपकर से उद्योगों की प्रतिस्पर्धा पर पड़ते बोझ को भी उजागर किया।

सौजन्य से:- Hindustan
खनन कानून बिल पर राजनीति कर रही है राज्य सरकार : मधु कोड़ा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने एमएमडीआर संशोधन पर राज्य सरकार पर जनता के बीच भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग को सुनिश्चित करना है। कोड़ा ने खदानों को जल्द चालू करने की मांग की और अवैध खनन पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
खूंटी, संवाददाता। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने एमएमडीआर संशोधन को लेकर राज्य सरकार पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सोमवार को खूंटी परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य खनिज संसाधनों के उपयोग और खनन व्यवस्था में एकरूपता लाने के साथ खनिजों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संशोधन से राज्यों के खनिज संबंधी अधिकार समाप्त होने की बात सही नहीं है। हालांकि, संशोधित कानून में खनिज अधिकारों और खनिजयुक्त भूमि पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले कुछ कर, सेस और अन्य लेवी के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के तहत सीमाएं तय की गई हैं।
राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप
मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि झामुमो और कांग्रेस एमएमडीआर संशोधन के प्रावधानों को राजनीतिक मुद्दा बना रही हैं और जनता के बीच भ्रांतियां फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए संशोधन को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सरकार से बंद पड़ी खदानों को जल्द चालू कराने और नीलाम हो चुकी खदानों के संचालन पर विशेष ध्यान देने की मांग की।
34 खदानों की नीलामी का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि झारखंड में 34 खदानों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन इनमें 28 कोयला और 15 लौह अयस्क खदानें नीलामी के बाद भी शुरू नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि खदानों का संचालन शुरू होने से खनिज उत्पादन बढ़ेगा और राज्य सरकार को राजस्व मिलेगा। उन्होंने खनन क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की भी मांग की।
खनिजों की लागत का मुद्दा उठाया
मधु कोड़ा ने कहा कि झारखंड में लौह अयस्क पर करीब 600 रुपये प्रति टन और कोयले पर करीब 450 रुपये प्रति टन रॉयल्टी एवं उपकर का भार है। उनके अनुसार, अधिक लागत के कारण राज्य के उद्योग प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से खनिज उत्पादन बढ़ाने के साथ उद्योगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने की मांग की।
अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग
मधु कोड़ा ने राज्य में अवैध खनन और खनिजों के अवैध कारोबार का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कारोबार से होने वाली कमाई सरकार के मंत्री, अफसर और भ्रष्ट तंत्र तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि बंद खदानों को चालू कराने, उत्पादन बढ़ाने और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने से राज्य का राजस्व बढ़ सकता है।
भाजपा कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद कुमार, उपाध्यक्ष कैलाश राम सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
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