आजादी की अलग तारीख: पाकिस्तान 14 और भारत 15 अगस्त, जानें क्या है वजह
भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही कानून से बने, लेकिन उनकी आजादी की तारीखें अलग हैं। पाकिस्तान 14 अगस्त को और भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इसके पीछे की कहानी जानते हैं? माउंटबेटन की जल्दबाजी और रमजान का महत्व इस फैसले में अहम रहे।

सौजन्य से:- Jagran
एक ही कानून से बने दो मुल्क, फिर भी 24 घंटे का अंतर! क्यों पाकिस्तान 14 और भारत 15 अगस्त को मनाता है आजादी दिवस?
माउंटबेटन के पास आजादी दिलाने के लिए 16 महीने का समय था फिर कुछ महीनों की जल्दबाजी में क्यों हुआ सत्ता का हस्तांतरण?
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान की आजादी का समय एक ही था, इसके बावजूद दोनों देशों के आजादी के दिवस में पूरे एक दिन का अंतर है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों पाकिस्तान 14 अगस्त और भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है? चलिए ऐतिहासिक तथ्यों की मदद से इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश करते हैं।
माउंटबेटन की जल्दबाजी
जब लॉर्ड माउंटबेटन अंतिम वायसराय के तौर पर मार्च 1947 में भारत आए तो ब्रिटेन ने उन्हें सत्ता हस्तांतरण के लिए जून 1948 तक का समय दिया गया। इस तरह उनके पास करीब 16 महीने से ज्यादा का समय था, लेकिन माउंटबेटन यह काम कुछ महीनों में करना चाहते थे।
देश की बुरी हालत थी जिम्मेदार
इसके पीछे भी कई वजहें थी, राजनीतिक स्थिति खराब होती जा रही थी, अंतरिम सरकार मुश्किल ही काम कर रही थी, उधर पाकिस्तान बनाने की मांग भी जोरो पर थी और देश में सांप्रदायिक दंगे आग की तरह फैल रहे थे। ऐसे में वायसराय का मानना था कि देश की जल्दी आजाद करने में ही भलाई है।
15 अगस्त ही क्यों चुना गया?
माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख सिंगापुर में जापान के आत्मासमर्पण करने की वर्षगांठ की वजह से चुनी थी। उनके लिए इस तारीख बहुत मायने रखती थी क्योंकि जब द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था तो उन्हें दक्षिण पूर्व एशिया में सुप्रीम अलाइड कमांडर की कमान सौंपी गई थी। उस दौरान माउंटबेटन ने मित्र राष्ट्रों की तरफ से जापानी सेना के खिलाफ अभियान शुरू किया था।
ऐसे में हमें यह जानना जरूरी है कि भारत को 15 की तारीख उनके चलाये आंदोलनों से विरासत में नहीं मिली, बल्कि माउंटबेटन ने इसे अपनी पसंद से चुना था।
दो हफ्ते में ही दो देश बनाने का कानून हुआ था पारित
जैसे ही माउंटबेटन ने दोनों देशों को जल्दी आजाद करने का फैसला लिया, सत्ता का हस्तांतरण बहुत तेजी से हुआ। 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में भारत और पाकिस्तान दो डॉमिनियन बनाने के लिए कानून पेश किया गया, जिसे पारित होने में महज 2 हफ्ते लगे। बता दें कि इस एक्ट में आजादी की तारीख 15 अगस्त 1947 तय की गई थी।
फिर पाकिस्तान 14 अगस्त को कैसे हुआ आजाद?
14 अगस्त 1947 को कराची में आजादी के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित किया गया। भारत के वायसराय के तौर पर माउंटबेटन भी इसमें शामिल हुए। ऐसा कहा जाता है कि वो एक ही दिन में दोनों जगह उपस्थित नहीं हो सकते थे।
वहीं, एक वजह रमजान से जुड़ी हुई भी बताई जाती है। कहा जाता है कि 14 अगस्त 1947 को रमजान का 27वां दिन था, जिसे मुस्लमानों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस तरह इन दोनों ही वजहों से पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाया जाता है।
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