पौड़ी न्यूज़: 10 साल से लापता व्यक्ति को कोर्ट ने कानूनी मृत घोषित किया
पौड़ी के एक व्यक्ति को 10 साल से लापता होने के बाद कोर्ट ने कानूनी मृत घोषित किया है। इस मामले में पत्नी ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी और अदालत ने उनके पति को कानूनी मृत घोषित करने का आदेश दिया है।

सौजन्य से:- अमर उजाला
पौरी समाचार: 10 साल से लापता व्यक्ति को अदालत ने मृत घोषित किया
शुक्र, 14 अगस्त 2026 04:42 अपराह्न भारतीय समय
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
अद्यतन किया गया शुक्र, 14 अगस्त 2026 04:42 अपराह्न भारतीय समय
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- रोजगार के लिए लुधियाना जाने के बाद हुए थे लपता
पौड़ी। बीरोंखाल तहसील के ग्राम भमराखाेली (कसाणी) निवासी एक व्यक्ति के करीब 10 साल से लापता होने के मामले में अदालत ने उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित करने का आदेश दिया। सिविल जज (जू.डि) पौड़ी रिजवान अंसारी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले में पत्नी व वादिनी जैसी देवी ने अदालत में 30 अप्रैल 2026 को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि पति वीरेंद्र सिंह रोजगार के लिए लुधियाना गए थे। 11 मार्च 2015 को वह लापता हो गए थे। 16 अप्रैल 2015 को पति की गुमशुदगी थाना लुधियाना में दर्ज कराई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान की ओर से भी उनके लापता होने की पुष्टि की गई। परिवार के मुखिया का नाम अभिलेखों में होने से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारियाें ने पति की कानूनी मृत्यु साबित करने के बाद ही लाभ दिए जाने की बात कही। मामले में बेटे देवेंद्र सिंह नेगी और ग्राम प्रधान को प्रतिवादी बनाया गया था। दोनों ने वाद का विरोध नहीं किया और जैसी देवी के दावों का समर्थन किया। अदालत ने प्रस्तुत दस्तावेजों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 108 के आधार पर माना कि वीरेंद्र सिंह के बारे में सात वर्ष से अधिक समय से कोई जानकारी नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने वीरेंद्र सिंह को कानूनी रूप से मृत घोषित कर दिया।
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पौड़ी। बीरोंखाल तहसील के ग्राम भमराखाेली (कसाणी) निवासी एक व्यक्ति के करीब 10 साल से लापता होने के मामले में अदालत ने उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित करने का आदेश दिया। सिविल जज (जू.डि) पौड़ी रिजवान अंसारी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले में पत्नी व वादिनी जैसी देवी ने अदालत में 30 अप्रैल 2026 को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि पति वीरेंद्र सिंह रोजगार के लिए लुधियाना गए थे। 11 मार्च 2015 को वह लापता हो गए थे। 16 अप्रैल 2015 को पति की गुमशुदगी थाना लुधियाना में दर्ज कराई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान की ओर से भी उनके लापता होने की पुष्टि की गई। परिवार के मुखिया का नाम अभिलेखों में होने से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारियाें ने पति की कानूनी मृत्यु साबित करने के बाद ही लाभ दिए जाने की बात कही। मामले में बेटे देवेंद्र सिंह नेगी और ग्राम प्रधान को प्रतिवादी बनाया गया था। दोनों ने वाद का विरोध नहीं किया और जैसी देवी के दावों का समर्थन किया। अदालत ने प्रस्तुत दस्तावेजों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 108 के आधार पर माना कि वीरेंद्र सिंह के बारे में सात वर्ष से अधिक समय से कोई जानकारी नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने वीरेंद्र सिंह को कानूनी रूप से मृत घोषित कर दिया।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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