मथुरा लोक अदालत ने 2.87 लाख वादों का समाधान किया, 20.55 करोड़ रुपये मुआवजे के आदेश भी
मथुरा के जनपद न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,87,143 मामलों का निपटारा हुआ। मोटर दुर्घटना मुआवजा न्यायाधिकरण के तहत 170 मामलों में पीड़ितों को 20.55 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि देने का आदेश दिया गया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.87 लाख वादों का निस्तारण:20.55 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि देने के आदेश भी दिए गए
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मथुरा में शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार ने की। लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया गया। देर रात करीब 10 बजे प्रेस नोट जारी कर बताया गया कि 2.87 लाख मामलों का निपटारा किया गया है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर कुल 3,86,571 मामले तय किए गए थे। इनमें से 2,87,143 मामलों का निपटारा किया गया। जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने एक सिविल मामले समेत 31 अन्य मामलों का भी निपटारा किया।
मोटर दुर्घटना मुआवजा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी ने मोटर दुर्घटना से जुड़े 170 मामलों का निपटारा किया। उन्होंने पीड़ित पक्षों को 20 करोड़ 55 लाख 98 हजार रुपये की मुआवजा राशि दिलाने का आदेश दिया। इसके अलावा 10 अन्य छोटे मामलों का भी निपटारा किया गया।
परिवार न्यायालय में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश विनय कुमार ने 43 मामलों का निपटारा किया। वैवाहिक मामलों से जुड़ी पीठ ने प्री-लिटिगेशन के दो आवेदन भी निपटाए। फौजदारी न्यायालयों में 19,566 मामलों का निपटारा कर 2,99,220 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
बैंक बाउंस से जुड़े 52 मामलों का निपटारा करते हुए 2 करोड़ 25 लाख 85 हजार 889 रुपये के भुगतान का आदेश दिया गया। इसके साथ ही 181 व्यवहारिक मामले, 119 बिजली अधिनियम के मामले, बिजली अधिनियम की 504 अंतिम रिपोर्ट, 28 उपभोक्ता फोरम के मामले, 71 श्रम मामले और 12,056 अन्य मामलों का भी निपटारा किया गया।
विभिन्न बैंकों, मोबाइल और फाइनेंस कंपनियों के प्री-लिटिगेशन मामलों में 1,515 मामलों का निपटारा कर 6 करोड़ 8 लाख 57 हजार 461 रुपये की वसूली की गई। प्रशासनिक न्यायालयों और विभागों ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर 2,52,794 मामलों का निपटारा किया।
इस दौरान जिला कारागार में बंदियों द्वारा बनाई गई ठाकुरजी की पोशाक, मुकुट, हथकरघा साड़ी, गमछे, तौलिया, धोती-दुपट्टा, शर्ट के कपड़े और एलईडी बल्ब की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए स्टॉल लगाई गई। न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, वकीलों और वादकारियों ने इन उत्पादों को खरीदा। इस आयोजन में न्यायिक अधिकारी, वकील, बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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