पूर्णिया में विशेष लोक अदालत आयोजित, चेक बाउंस मामलों का त्वरित निपटारा होगा
पूर्णिया में 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी, जिसमें चेक बाउंस मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा। अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है और पक्षकारों को सुलह-समझौते के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित की जा रही है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Purnia
- Purniaeast
- Purnia Special Lok Adalat | Check Bounce Case Hearing Advocates Meet
पूर्णिया में 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत:चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे पर अधिवक्ताओं से चर्चा
- कॉपी लिंक
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देश पर पूर्णिया में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा 18 जुलाई 2026 को व्यवहार न्यायालय, पूर्णिया मे
विशेष लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार की अध्यक्षता में लोक अदालत भवन में आयोजित की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्हैया जी चौधरी के निर्देश पर यह आयोजन किया गया था।
बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ज्योतिन्द्र नारायण अम्बष्ट, सचिव सुमन जी प्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे। इनमें मनोज कुमार, संतोष कुमार चौधरिया, नागेश्वर प्रसाद जायसवाल और राम नारायण यादव शामिल थे।
इस दौरान अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे चेक बाउंस से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को विशेष लोक अदालत में लाएं और आपसी समझौते के माध्यम से निपटाने में सहयोग करें।
साथ ही, पक्षकारों को भी सुलह-समझौते के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया गया। अधिवक्ताओं ने भी अधिकाधिक मामलों के निष्पादन में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
डीएलएसए सचिव ने बताया कि जिन पक्षकारों को अब तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है, वे भी यदि आपसी समझौते के आधार पर अपना मामला समाप्त करना चाहते हैं, तो 18 जुलाई को संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर धारा 138 एनआई एक्ट के मामलों का निपटारा करा सकते हैं। विशेष लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराया जाएगा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
विवादित धार्मिक स्थलों पर अदालत की मध्यस्थता पहल ठुकराई जाने से क्या निकलता है?

उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विवाद अदालत के बाहर हल नहीं हो पा रहे

मंदिर-मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट की पहल का दोनों पक्षों ने किया अस्वीकार

नागरिकता तय करने में निष्पक्षता जरूरी: सुप्रीम कोर्ट ने 27 लोगों को विदेशी घोषित करने का आदेश रद्द किया

उत्तर प्रदेश में धार्मिक विवादों का समाधान समारोह विफल, पक्षकार मध्यस्थता से इनकार कर रहे हैं

प्रमुख धार्मिक स्थलों के विवादों में अदालती मध्यस्थता की पहल कामयाब नहीं

भोजशाला-कमल मौला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शuru

माइक्रोसॉफ्ट ने एक गेमर के खिलाफ मुकदमा हारा, अदालत ने मुआवजा मांगा
ताज़ा ख़बरें
- वकीलों की हड़ताल कल: हाईकोर्ट के वित्तीय क्षेत्राधिकार बढ़ाने का फैसला
- अदालत की मध्यस्थता से नाराज पक्षकार
- केरल उच्च न्यायालय ने टीवी रेटिंग मामले को 21 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने ड्रेसेज राइडर्स को राहत देने से इनकार किया, एशियाई खेलों की चयन प्रक्रिया की जांच पर सहमति
- सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे डाइंग मामले में सैट के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ईडी की रोक के खिलाफ टीएमसी की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
- अधिवादी कर्मचारियों को 20-20 लाख रुपये की राशि देने का आदेश उच्च न्यायालय द्वारा
- सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में गोकशी पर लगे बैन को हटाया है

