होमसंविधानसुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर सुनवाई
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। हाईकोर्ट ने सरकारी नीति को असंवैधानिक करार दिया था और राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करे।

16 जुलाई 2026 को 04:13 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर सुनवाई

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Himachal

- Shimla

- Supreme Court Stayed Himachal High Court Order | Encroachment | Delhi|| Shimla

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक:सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर सुनवाई; 1.67 लाख कब्जों पर यथास्थिति के आदेश

- कॉपी लिंक

हिमाचल प्रदेश में सरकारी भूमि पर दशकों पुराने अवैध कब्जों को हटाने से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद सरकारी भूमि पर कब्जों के मामले में यथास्थ

इसके साथ ही हाईकोर्ट के उस फैसले के अमल पर फिलहाल रोक लग गई है, जिसमें सरकार की नियमितीकरण नीति को रद्द करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट की बैंच ने पूनम गुप्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को नियमित करने की नीति को असंवैधानिक करार दिया था।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमणों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू कर उसे 28 फरवरी, 2026 तक तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।

हाईकोर्ट ने सरकार की नीति को संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन बताया था

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सुशासन का अर्थ अतिक्रमण से जुड़े मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन है। अदालत ने टिप्पणी की थी कि अवैध कब्जों को वैध बनाने वाली नीतियां कानून के उल्लंघन और बेईमानी को बढ़ावा देती हैं।

अदालत ने यह भी कहा था कि सरकार की ऐसी नीति संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह असमान परिस्थितियों वाले लोगों के साथ समान व्यवहार करती है।

हिमाचल भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163-ए को बताया था असंवैधानिक

हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163-ए को मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए इसे तथा इसके तहत बनाए गए नियमों को भी रद्द कर दिया था। अदालत का कहना था कि इस प्रावधान के जरिए सरकार ने अतिक्रमणों को नियमित करने की ऐसी शक्तियां अपने पास ले ली थीं, जिनका मूल कानून में प्रावधान नहीं था।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा की तर्ज पर "आपराधिक अतिक्रमण" से जुड़े कानून में संशोधन पर भी विचार करने का सुझाव दिया था।

सरकार ने 2002 में रेगुलर करने को मांगे थे आवेदन

गौरतलब है कि वर्ष 2002 की नियमितीकरण नीति के तहत सरकार ने सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों से आवेदन मांगे थे। उस समय 1 लाख 67 हजार 339 आवेदनों के माध्यम से करीब 24 हजार 198 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जों को नियमित करने की मांग की गई थी।

इसके बाद वर्ष 2017 में भी पांच बीघा तक सरकारी भूमि पर कब्जों को नियमित करने के लिए ड्राफ्ट नियम प्रकाशित किए गए थे। हालांकि, बाद में सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया था कि ऐसे कब्जों को नियमित करने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया अदालतों को तलाक का कानूनी अधिकार न होने की पुष्टि की
संविधान

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया अदालतों को तलाक का कानूनी अधिकार न होने की पुष्टि की

विद्युत अधिनियम के संशोधन मसौदे पर प्रतिक्रिया आमंत्रित, अक्टूबर में संसद में पेश होगा
संविधान

विद्युत अधिनियम के संशोधन मसौदे पर प्रतिक्रिया आमंत्रित, अक्टूबर में संसद में पेश होगा

हो ची मिन्ह सिटी शहरी विकास कानून से डिजिटल प्रेस को नया रूप देने की दिशा में कदम
संविधान

हो ची मिन्ह सिटी शहरी विकास कानून से डिजिटल प्रेस को नया रूप देने की दिशा में कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाँच प्रमुख विधायी मसौदों की अंतिम समीक्षा हेतु बैठक का संचालन किया
संविधान

स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाँच प्रमुख विधायी मसौदों की अंतिम समीक्षा हेतु बैठक का संचालन किया

डिजिटल मंच पर कानून प्रतियोगिता: 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 5 लाख से अधिक प्रतिभागी
संविधान

डिजिटल मंच पर कानून प्रतियोगिता: 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 5 लाख से अधिक प्रतिभागी

सहारनपुर कलेक्टरैट में अवैध घोषित मस्जिद का कानूनी ध्वंस, विपक्ष पर घर में हिरासत का आरोप
संविधान

सहारनपुर कलेक्टरैट में अवैध घोषित मस्जिद का कानूनी ध्वंस, विपक्ष पर घर में हिरासत का आरोप

आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, जानें कौन संभालेंगे किस अदालत की जिम्मेदारी
संविधान

आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, जानें कौन संभालेंगे किस अदालत की जिम्मेदारी

मस्जिद गिराने के बाद मौलाना मदनी ने उठाया समानता का सवाल
संविधान

मस्जिद गिराने के बाद मौलाना मदनी ने उठाया समानता का सवाल

ताज़ा ख़बरें