सिर्फ कानून से नहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अदालत का दबाव
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निर्देश दिया है कि भारतीय कानूनों और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेह होने के बाद कोई भी जांच में सहयोग करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

सौजन्य से:- AajTak
Advertisement
- प्रयागराज,
- 08 जुलाई 2026,
- अपडेटेड 11:11 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही को लेकर अहम टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेह हैं. कोई भी प्लेटफॉर्म कानून से ऊपर नहीं है और यदि वह जांच में सहयोग नहीं करता, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसके अश्लील वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की गई हैं. मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने अदालत को बताया कि X की ओर से संबंधित अकाउंट का URL ID और IP एड्रेस उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है.
Advertisement
इस पर न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने जांच अधिकारी की दलील को प्रथम दृष्टया पुलिस की विफलता करार दिया. अदालत ने गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त को 12 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश देते हुए पूछा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारियों से जांच में सहयोग सुनिश्चित कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं.
अदालत ने कहा कि X के अधिकारियों का जांच में सहयोग न करना स्वीकार नहीं किया जा सकता. यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जिम्मेदार अधिकारी जांच में बाधा डालते हैं, तो इससे अपराधियों को न्याय से बचने का मौका मिल सकता है.
यह मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. शिकायतकर्ता मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया था कि उनके अश्लील वीडियो और तस्वीरें X पर पोस्ट की गई थीं. निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था.
Advertisement
हाईकोर्ट ने 2 जुलाई के अपने आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी भेजने का निर्देश दिया है, ताकि मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Read more!
Advertisement
Latest News in Hindi »
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
रिश्वत मामले में CBI की मनमानी पर राउज एवेन्यू कोर्ट की कड़ी फटकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग की शादी की दलील खारिज, कानून का वर्चस्व कायम

बॉम्बे हाई कोर्ट ने केआरके की याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाले राज्य कानूनों को बरकरार रखा

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में गड़बड़ी की तारीख निकली!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का तंज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, कानून से ऊपर नहीं हैं

न्याय की सुस्त रफ्तार पर दिल्ली हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

दहेज हिंसा में हत्या: अदालत के आदेश से पति और ससुरालीजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
ताज़ा ख़बरें
- बाल विवाह को लेकर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बोला- सभी धर्मों पर समान लागू
- चंदा चोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में : 13 जुलाई को हो सकती है सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट ने खाड़ी देशों के सीबीएसई छात्रों की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
- बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को अलीपुर अदालत में दर्ज हत्या के प्रयास के आरोप में सुरक्षा मिलती है
- सुप्रीम कोर्ट जल्द फिर से सुनवाई कर सकता है राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की
- सुकेश चंद्रशेखर के सहयोगियों को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिली
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गर्भवती IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग पर पूरी तरह रोक गलत
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलेख: बीसीआई निर्धारित कार्य समूहों के गठन की योजना बना रहा है

