वल्लभनगर में नदी में फेंके मृत पशुओं पर लगाई फटकार
स्थाई लोक अदालत ने वल्लभनगर नगर पालिका को आदेश दिया है कि अब मृत पशुओं को नदी या आम रास्तों पर नहीं फेंका जाएगा। शहर में मृत पशुओं के निस्तारण के लिए एक विशेष स्थल का निर्माण करना होगा।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मृत पशुओं को नदी में फेंकने पर रोक:लोक अदालत ने वल्लभनगर पालिका को लगाई फटकार, कहा-निर्धारित जगह पर करें निस्तारण
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उदयपुर जिले के वल्लभनगर कस्बे में मृत पशुओं के खुले में निस्तारण को लेकर स्थाई लोक अदालत ने सख्त रूप अपनाया है। अदालत ने नगरपालिका को निर्देश दिया है कि अब मृत पशुओं को बेड़च नदी, कचरा स्थल, आम रास्तों या उनके किनारों पर नहीं फेंका जाए। साथ ही उनके प
ठेकेदार पर मृत पशुओं को सार्वजनिक जगहों पर फेंकने का आरोप
यह आदेश राजस्थान आरटीआई एक्टिविस्ट फोरम के सदस्य सुरेश कुमार कोठारी की याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वल्लभनगर कस्बे के सर्व समाज के सार्वजनिक श्मशान घाट के समीप स्थित नदी और आम रास्तों के पास मृत पशुओं को फेंका जा रहा है। मृत पशुओं के निस्तारण का जिम्मा संभालने वाला ठेकेदार शवों को श्मशान घाट के पास कचरा स्थल और नदी किनारे छोड़कर चला जाता है, जिससे अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।
याचिका में बताया गया कि मृत पशुओं के सड़े-गले अवशेष नदी के पानी में मिलकर प्रदूषण फैला रहे हैं और पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।
अदालत ने नगर पालिका को दिए स्पष्ट आदेश
याचिका के साथ पालिका प्रशासन को पूर्व में दिए गए ज्ञापन तथा मृत पशुओं को मोटर वाहन और ट्रैक्टर के पीछे रस्सी से बांधकर घसीटते हुए ले जाने के फोटोग्राफ भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए।
याचिका में यह भी बताया गया कि वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ वल्लभनगर ने 13 नवंबर 2024 को भी इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मामले की सुनवाई के बाद स्थाई लोक अदालत की पीठ ने वल्लभनगर नगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत पशुओं का निस्तारण अब केवल निर्धारित स्थान पर वैज्ञानिक और सम्मानपूर्ण तरीके से किया जाए। साथ ही उन्हें नदी, आम रास्तों या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नहीं फेंका जाए।
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